जीईएम ने बदली सरकारी खरीद की तस्वीर, कारोबार 422 करोड़ से बढ़कर 1.55 लाख करोड़ के पार : पीयूष गोयल

सरकारी खरीद में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा की नई मिसाल बना जीईएम, जीएमवी 422 करोड़ से उछलकर 1.55 लाख करोड़ रुपये के पार; एमएसई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिला बड़ा सहारा
गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा एक पोस्ट में कहा कि जीईएम अब पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और डिजिटल सरकारी खरीद व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।
पीयूष गोयल ने कहा है कि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने देश की सरकारी खरीद व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है
Published on

नई दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने देश की सरकारी खरीद व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले जीईएम का सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) महज 422 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा एक पोस्ट में कहा कि जीईएम अब पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और डिजिटल सरकारी खरीद व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। पोर्टल पर 12.28 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) पंजीकृत हैं। इनमें 2.25 लाख से अधिक महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा 42,000 से अधिक स्टार्टअप भी जीईएम से जुड़े हैं।

खरीद प्रक्रिया में आई पारदर्शिता

मंत्री के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में जीईएम ने सरकारी खरीद में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ बेहतर मूल्य खोजने में मदद की है। इससे खरीद प्रक्रिया का समय कम हुआ, सरकार को बचत हुई और पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से जवाबदेही भी मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि जीईएम ने सरकारी खरीद बाजार को एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और बुनकरों के लिए अधिक सुलभ बनाया है। इससे ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों को भी बढ़ावा मिला है।

25 लाख से अधिक विक्रेता और सेवा प्रदाता जुड़े

वर्ष 2016 में शुरू हुआ जीईएम अब अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म 1.37 लाख से अधिक सरकारी खरीदार संगठनों को करीब 25 लाख विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं से जोड़ता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल पर 10,660 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 350 सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं। इनके जरिए केंद्र और राज्य सरकारों सहित विभिन्न सरकारी संस्थाओं की खरीद जरूरतें पूरी की जाती हैं।

एआई से और स्मार्ट होगा प्लेटफॉर्म

सरकार के मुताबिक, जीईएम अब केवल सरकारी खरीद-बिक्री का माध्यम नहीं, बल्कि देश के डिजिटल प्रोक्योरमेंट इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और व्यापक भागीदारी के जरिए प्लेटफॉर्म को और स्मार्ट एवं एकीकृत बनाने पर जोर दिया जाएगा।

गोयल ने कहा कि जीईएम आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा एक पोस्ट में कहा कि जीईएम अब पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और डिजिटल सरकारी खरीद व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।
दवा उद्योग की टेक्नोलॉजी अपग्रेड योजना में धीमी रफ्तार, 301 में सिर्फ 55 इकाइयों को मिला प्रोत्साहन
Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in