अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है GDP की वृद्धि : निर्मला सीतारमण

GST में कटौती के बाद उत्पादन में बढ़ोतरी रहा बड़ा कारण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
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नयी दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि यह दर्शाती है कि सुधारों और राजकोषीय मजबूती ने भारतीय अर्थव्यवस्था को ठोस वृद्धि और रफ्तार दी है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में सीतारमण ने कहा, “विभिन्न आर्थिक संकेतक भी निरंतर आर्थिक गति और व्यापक आधार पर खपत में वृद्धि की पुष्टि करते हैं।”

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था ने सितंबर तिमाही में अनुमानों से अधिक 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो कि पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। इस वृद्धि में जीएसटी दर कटौती के बाद उत्पादन में बढ़ोतरी की अहम भूमिका रही।

वित्त मंत्री ने सोशल मीडिआ मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि के अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत वृद्धि और रफ्तार को दर्शाते हैं। 8.2 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है।'

कीमतों पर जीडीपी के आकार में आठ प्रतिशत की वृद्धि

चालू वित्त वर्ष में की पहली छमाही में स्थिर कीमतों पर जीडीपी के आकार में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सीतारमण ने कहा कि यह वृद्धि लगातार राजकोषीय मजबूती, लक्षित सार्वजनिक निवेश और उत्पादकता बढ़ाने वाले एवं कारोबारी सुगमता लाने वाले विभिन्न सुधारों के कारण संभव हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार इस वृद्धि की गति बनाए रखने और दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शेयर बाजार में आई रौनक

वहीं आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़े आने के पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से घरेलू शेयर बाजार बेहद उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में लगभग स्थिर बंद हुए। विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी कोषों के एक बार फिर बिकवाल हो जाने और वैश्विक बाजार के कारोबार में नरमी की वजह से शेयर बाजार सीमित दायरे में रहे।

बीएसई का सेंसक्स 13.71 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 85,706.67 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 85,969.89 के ऊपरी और 85,577.82 अंक के निचले स्तर को छुआ। एनएसई का निफ्टी भी 12.60 अंक यानी 0.05 प्रतिशत गिरकर 26,202.95 अंक पर बंद हुआ। इसके साथ ही बाजार में दो दिनों से जारी तेजी का सिलसिला थम गया। दोनों मानक सूचकांक बृहस्पतिवार को कारोबार के दौरान अपने नए शिखर पर पहुंच गए थे लेकिन बाद में मुनाफावसूली हावी होने से मामूली बढ़त के ही साथ बंद हुए थे। कारोबारी अवधि समाप्त होने के बाद जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई-सितंबर में देश की अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जबकि पिछले साल इसकी वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत रही थी।

साप्ताहिक आधार पर बढ़त  

साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में 474.75 अंक यानी 0.55 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई जबकि एनएसई निफ्टी ने इस सप्ताह 134.8 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त हासिल की।

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