ई 20 पेट्रोल से ईंधन दक्षता में गिरावट

ई 20 पेट्रोल से  ईंधन दक्षता में गिरावट
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नयी दिल्ली : वाहनों में 20 प्रतिशत एथनॉल (ई20) मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से कारों के प्रकार के आधार पर ईंधन दक्षता में 2-5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। ऑटोमोटिव उद्योग के विशेषज्ञों ने यह बात कही। नाम न छापने की शर्त पर एक विशेषज्ञ ने कहा, वाहन के प्रकार के आधार पर माइलेज में 2-5 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। ऐसा पूरी तरह से पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल के कम कैलोरी मान के कारण है।

एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा, ''ई20 के उपयोग का अनुपालन करने वाले वाहनों के इंजनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, ई20 के अनुकूल नहीं होने वाले वाहनों में लंबे समय में गैसकेट और ईंधन रबर होज और पाइप का क्षरण हो सकता है, लेकिन ऐसा तुरंत नहीं होगा।''

क्या है मामला : वाहनों पर ई20 ईंधन के प्रभाव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस के बीच कुछ प्रमुख वाहन विनिर्माताओं के साथ काम करने वाले इंजीनियरों से यह बात कही है। उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों, जो ई20 मानकों के अनुरूप नहीं हैं, में लंबे समय में गैस्केट, ईंधन रबर होज और पाइप का क्षरण हो सकता है, लेकिन ऐसा तुरंत नहीं होगा। इस महीने की शुरुआत में तेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि ''यह आलोचना कि ई20 ईंधन दक्षता में भारी कमी लाता है, गलत है।''

हालांकि इसमें ईंधन दक्षता में प्रतिशत गिरावट का उल्लेख नहीं किया गया था। सरकार ने उत्सर्जन में कमी लाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत गन्ने या मक्का से निकाले गए एथनॉल की 20 प्रतिशत मात्रा को पेट्रोल के साथ मिलाने के लिए कदम उठाया है।

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