

मुंबई : कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता की उम्मीदों के बीच घरेलू शेयर बाजार बड़ी बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 1,263.67 अंक यानी 1.64 प्रतिशत चढ़कर 78,111.24 अंक पर बंद हुआ। एक समय यह 1,422.85 अंक चढ़कर 78,270.42 अंक तक पहुंच गया था। एनएसई का निफ्टी 388.65 अंक यानी 1.63 प्रतिशत बढ़कर 24,231.30 अंक पर बंद हुआ। बीएसई पर सूचीबद्ध 3,585 कंपनियों के शेयर चढ़कर बंद हुए जबकि 802 शेयरों में गिरावट रही और 126 अन्य अपरिवर्तित रहे।
क्या रहा कारण : पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ाई, जिससे बाजार में खरीदारी लौटी। लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक एवं शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के. ने कहा, भू-राजनीतिक तनाव में कमी के स्पष्ट संकेतों ने घरेलू बाजार में तेजी को समर्थन दिया। अमेरिका एवं ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद और उसकी वजह से कच्चे तेल में आई नरमी ने मुद्रास्फीति चिंताओं को कम किया है।
क्या रही स्थिति : सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो), पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, टेक महिंद्रा, टीसीएस और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख रूप से बढ़त में रहीं। दूसरी तरफ, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में गिरावट रही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड पश्चिम एशिया तनाव कम होने के संकेतों के बीच गिरकर 95.74 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया। तेल कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयात पर निर्भर देश को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध ‘समाप्ति के करीब’ है और दोनों देशों के बीच वार्ता फिर शुरू होने की संभावना है। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 2.62 प्रतिशत चढ़ गया जबकि मिडकैप में 2.55 प्रतिशत की तेजी रही। क्षेत्रवार सूचकांकों में सेवा खंड ने सर्वाधिक 3.30 प्रतिशत की बढ़त हासिल की जबकि फोकस आईटी खंड में 3.09 प्रतिशत, औद्योगिक खंड में 2.90 प्रतिशत और बिजली खंड में 2.87 प्रतिशत की तेजी रही। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए।