लोनधारकों को झटका! बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरें, होम-कार लोन की EMI पर पड़ेगा असर

रेपो रेट स्थिर रहने के बावजूद बैंकों ने MCLR बढ़ाया, जिससे होम, कार और पर्सनल लोन की EMI में इजाफा और कर्ज की कुल लागत बढ़ने के आसार
इसका सीधा असर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर पड़ने वाला है।
रेपो रेट स्थिर रहने के बावजूद बैंकों ने बढ़ाया MCLR, नए और पुराने दोनों ग्राहकों की जेब पर बढ़ सकता है बोझ
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नई दिल्ली: घर, कार या पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक अहम खबर है। देश के कई बड़े बैंकों ने कर्ज की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे लाखों ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) बढ़ सकती है। देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से 10 बेसिस पॉइंट तक इजाफा किया है। इसके बाद अन्य बैंकों ने भी अपनी दरों में संशोधन शुरू कर दिया है।

रेपो रेट स्थिर, फिर भी क्यों बढ़ीं ब्याज दरें?

हाल ही में Reserve Bank of India ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था। इसके बावजूद बैंकों का कहना है कि उनकी फंडिंग कॉस्ट और जमा राशि जुटाने की लागत बढ़ रही है। इसी दबाव के चलते MCLR में बढ़ोतरी की गई है, जिसका सीधा असर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर पड़ने वाला है।

इसका सीधा असर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर पड़ने वाला है।
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HDFC Bank ने कितना बढ़ाया MCLR?

HDFC Bank ने अपने एक साल के MCLR को 8.35 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.40 प्रतिशत कर दिया है। एक साल की अवधि वाला MCLR सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि अधिकांश रिटेल लोन इसी से जुड़े होते हैं। वहीं दो साल की अवधि वाले MCLR में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 8.55 प्रतिशत कर दिया गया है।

Indian Bank

इंडियन बैंक ने अपने एक साल के MCLR में 10 बेसिस पॉइंट की वृद्धि कर इसे 8.55 प्रतिशत कर दिया है।

सरकारी बैंकों ने भी बढ़ाईं दरें

Bank of Baroda

बैंक ऑफ बड़ौदा ने विभिन्न अवधियों के MCLR में 0.05 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है।

1 वर्ष का MCLR: 8.70% से बढ़कर 8.75%

6 माह का MCLR: 8.45% से बढ़कर 8.50%

3 माह का MCLR: 8.15% से बढ़कर 8.20%

1 माह का MCLR: 7.90% से बढ़कर 7.95%

1 दिन का MCLR: 7.80% से बढ़कर 7.85%

Canara Bank

केनरा बैंक ने भी कई अवधि के MCLR में 5 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की है।

1 दिन: 7.90% से 7.95%

1 माह: 7.95% से 8.00%

3 माह: 8.20% से 8.25%

6 माह: 8.55% से 8.60%

Bank of India

बैंक ऑफ इंडिया ने भी एक साल के MCLR को बढ़ाकर 8.75 प्रतिशत कर दिया है।

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

विशेषज्ञों के अनुसार जिन ग्राहकों के होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन MCLR आधारित फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़े हैं, उनकी लोन रीसेट डेट आने पर EMI बढ़ सकती है। यदि ग्राहक EMI नहीं बढ़ाना चाहते तो बैंक लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं, जिससे कुल ब्याज भुगतान और अधिक हो जाएगा।

इसके अलावा नए लोन लेने वाले ग्राहकों को भी पहले की तुलना में अधिक ब्याज दर चुकानी पड़ सकती है। ऐसे में घर या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए कर्ज की लागत बढ़ने की संभावना है।

क्या करें ग्राहक?

वित्तीय विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि ग्राहक अपने लोन की शर्तों की समीक्षा करें और यह जांचें कि उनका ऋण MCLR आधारित है या किसी अन्य बेंचमार्क से जुड़ा है। जिनके पास अतिरिक्त धन उपलब्ध है, वे आंशिक प्री-पेमेंट कर ब्याज का बोझ कम कर सकते हैं।

बैंकों की इस ताजा पहल से साफ है कि भले ही रेपो रेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन कर्ज लेना अब पहले की तुलना में थोड़ा महंगा साबित हो सकता है।

इसका सीधा असर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर पड़ने वाला है।
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