भरत तिवारी परिवार ने प्रशांत किशोर से लगाई न्याय की गुहार

पुलिस मुठभेड़ में मौत पर उठे सवाल, परिजन बोले– आत्मसमर्पण के बाद भी चलाई गई गोली
प्रशांत किशोर से बातचीत करते भरत तिवारी के परिजन
प्रशांत किशोर से बातचीत करते भरत तिवारी के परिजन
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पटना : बिहार के भोजपुर जिले में पिछले सप्ताह पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने सोमवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात कर न्याय दिलाने में सहयोग की अपील की।

जन सुराज पार्टी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने पटना में प्रशांत किशोर से मुलाकात कर न्याय दिलाने में मदद की गुहार लगाई। उन्होंने इस मुद्दे पर 24 जून को आयोजित होने वाली पंचायत में शामिल होने का भी अनुरोध किया। प्रशांत किशोर ने न्याय की लड़ाई में परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

भोजपुर जिले में पिछले सप्ताह पुलिस मुठभेड़ में तिवारी की मौत के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में है। घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं और स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है। बिहार सरकार ने हाल ही में इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

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जन सुराज पार्टी ने रविवार को पटना में तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला था।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा था, जिस तरह एक सामाजिक कार्यकर्ता की कथित मुठभेड़ में हत्या की गई, वह दुखद और निंदनीय है। हम पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यह कैंडल मार्च निकाल रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव निवासी भरत तिवारी ने 17 जून को गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान अवैध हथियार से पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

हालांकि, तिवारी के परिजनों का दावा है कि गोली चलाए जाने से पहले उसने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था।

परिवार का यह भी आरोप है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो से संकेत मिलता है कि गोली चलाए जाने के समय वह निहत्था था। हालांकि, इन वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

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