

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव मंगलवार को 'बिहार अधिकार यात्रा' की शुरुआत करेंगे। राजद की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता यादव यात्रा की शुरुआत जहानाबाद से करेंगे।
यादव यात्रा के 'पहले चरण' में राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के गढ़ जैसे नालंदा (जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला) और बेगूसराय भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का निर्वाचन क्षेत्र) का दौरा कर सकते हैं। पहले चरण का समापन 20 सितंबर को वैशाली में होगा।
संयोगवश, यादव का अपना निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर वैशाली जिले में आता है। साथ ही महुआ भी वैशाली जिले में आता है, जहां से पहले उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव विधायक थे। तेज प्रताप ने अपने पिता एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा पार्टी से निष्कासित किये जाने के बाद फिर से इस सीट से चुनाव लड़ने की बात कही है।
पांच दिनों तक जारी रहने वाले पहले चरण में पटना, खगड़िया, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा और समस्तीपुर जैसे अन्य ज़िले शामिल होंगे।
पूर्व उप-मुख्यमंत्री यादव ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने कहा, वोटर अधिकार यात्रा के बाद, जिसे आप सभी ने अपना समर्थन दिया था, कृपया बिहार अधिकार यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। यह तेजस्वी के बारे में नहीं है। यह एक नये दृष्टिकोण के बारे में है, जो बेरोजगारों के लिए रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
इस बीच, राजग सूत्रों ने दावा किया कि हाल ही में संपन्न वोटर अधिकार यात्रा के दौरान यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की स्पष्ट अनिच्छा पर अपनी नाराजगी दर्ज कराने के लिए राजद ने 'बिहार अधिकार यात्रा' की योजना बनाई है।
राज्य के 25 जिलों की एक पखवाड़े लंबी यात्रा में गांधी के साथ शामिल हुए यादव ने लोगों से कांग्रेस नेता को 'अगला प्रधानमंत्री' बनाने का आग्रह किया था।
हालांकि, यादव के करीबी सहयोगी एवं राज्यसभा सदस्य संजय यादव ने कहा, वोटर अधिकार यात्रा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान गलत तरीके से लोगों के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर थी। बिहार अधिकार यात्रा हमारे युवा नेता के लिए जनता से सीधा संपर्क करने का एक और अवसर होगा, जो उनकी खासियत रही है।