

पटना : बिहार में नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में बुधवार को पटना में बिहार लोक भवन के लिए निकाले गए विरोध मार्च के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को आयकर गोलंबर के पास हिरासत में ले लिया गया।
RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को, राज्यभर में NEET प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में बिहार लोक भवन के लिए विरोध मार्च शुरू किया।
यह मार्च पटना के जेपी गोलंबर से शुरू हुआ और इसे शहर के प्रमुख चौराहे डाक बंगला चौराहा होते हुए बिहार लोक भवन पहुंचना था। तेजस्वी यादव को आयकर गोलंबर के पास हिरासत में ले लिया गया।
विरोध मार्च से पहले RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि ‘जेन-जी’ की भावनाओं को समझना जरूरी है। छात्रों ने ईमानदार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ AK-47 राइफल, पैलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया। झा ने कहा, हम इस मार्च के जरिए इन सभी पहलुओं को बिहार के राज्यपाल के संज्ञान में लाना चाहते हैं।
पटना में अत्यधिक संख्या में पुलिस बल की तैनाती और अवरोधक लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस को उनके खिलाफ भी पैलेट गन का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि वे छात्रों का दर्द साझा कर सकें।
RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी निहत्थे छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठियों और एके-47 राइफल के कथित इस्तेमाल के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी। उन्होंने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने का आरोप लगाया और मारे गए लोगों के परिजनों को सरकार से मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि RJD कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करेंगे और पुलिस जहां भी रोकेगी, वहीं रुक जाएंगे। इसके बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा।
मार्च में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने NEET प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एके-47 के इस्तेमाल का विरोध करते हुए प्रतीक के रूप में उसकी प्रतिकृतियां भी ले रखी थीं।
मार्च को देखते हुए पटना पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल से मिलने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को राजधानी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में मार्च करने की अनुमति नहीं होगी।
मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे ‘तेजस्वी यादव का करियर बचाओ मार्च’ करार दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी छात्र, क्रिकेटर और राजनेता के तौर पर विफल रहे हैं और अब ऐसे मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, जिसे बिहार सरकार पहले ही सुलझा चुकी है।