

पटना : बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) तथा विपक्षी दलों का महागठबंधन दोनों ही अपनी जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है। पांच सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) को दो-दो सीट मिलना लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन पांचवीं सीट पर समीकरण बेहद पेचीदा बने हुए हैं। यही वजह है कि दोनों खेमे विधायकों का समर्थन जुटाने और अपनी संख्या मजबूत करने में लगे हुए हैं।
वर्तमान गणित के मुताबिक राजग को पांचवीं सीट जीतने के लिए तीन अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है, जबकि महागठबंधन को छह विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसे में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। दोनों गुट अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए लगातार बैठक कर रहे हैं और भोज दे रहे हैं।
इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने NDA के विधायकों और नेताओं की गुरुवार शाम अपने आवास पर बैठक बुलाई है। NDA के एक विधायक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि बैठक के साथ ही रात्रि भोज का भी आयोजन किया गया है और सभी विधायकों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा होगी और विधायकों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी ताकि मतदान के दिन कोई तकनीकी गलती न हो।
सूत्रों के अनुसार, राजग की बैठकें तीन चरणों में आयोजित की जा रही हैं। पहली बैठक सम्राट चौधरी के आवास पर होगी। इसके बाद दूसरी बैठक 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर और तीसरी बैठक 15 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी के आवास पर होगी।
इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दो दिन पहले मंगलवार को महागठबंधन के सभी दलों की बैठक बुलाई थी जिसमें चुनावी रणनीति और विधायकों की एकजुटता पर चर्चा की गई।
इसके बाद यादव ने बुधवार को AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान से मुलाकात कर राज्यसभा चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की और इस दौरान AIMIM ने अपने विधायकों का पूरा समर्थन मिलने का उन्हें आश्वासन दिया।
वर्तमान में 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में NDA के पास 202 विधायक हैं जिनमें BJP के 89 और JDU के 85 विधायक शामिल हैं जबकि, लोजपा (रामविलास) के 19, जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ के पांच और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के चार विधायक हैं।
वहीं, महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 25, कांग्रेस के छह, CPI(ML) के दो, CPI के एक, AIMIM के पांच, IIP के एक और BSP का एक विधायक है।