

पटना : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का असर खत्म नहीं हुआ है और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था से निराश युवाओं के आंदोलन आने वाले दिनों में तेज होंगे।
बांकीपुर से विधायक ने पटना में मंगलवार को छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अब प्रशासन ऐसे आंदोलनों को दबाने के लिए बल प्रयोग करने से पहले दो बार सोचता है।
किशोर ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में जब भी बिहार का युवा सड़कों पर उतरा है, उसे लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा है। लेकिन पिछले दो-तीन महीनों में जो कुछ हुआ है, उससे प्रशासन को लोकतंत्र की ताकत का एहसास हुआ है। यह संतोष की बात है कि अब नौकरशाही लाठीचार्ज का आदेश देने से पहले दो बार सोचती है।
उन्होंने यह टिप्पणी बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का प्रयास कर रहे छात्र कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में की।
किशोर ने सम्राट चौधरी सरकार से छात्रों से बातचीत करने, उनकी चिंताओं को सुनने और उनकी जायज मांगें स्वीकार कर संकट का समाधान निकालने की अपील की।
उन्होंने कहा, यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि जंतर-मंतर कोई एक बार की घटना नहीं थी। देश के युवाओं का बड़ा वर्ग शिक्षा के निजीकरण, कोचिंग माफिया के बढ़ते प्रभाव और बेरोजगारी से आहत है। आने वाले समय में सत्ता में बैठे लोगों को युवाओं के सड़क पर उतरने की अनेक घटनाओं का सामना करना पड़ेगा।
किशोर ने पटना के बाहरी इलाकों से आए उन किसानों का भी बचाव किया, जिन्होंने प्रस्तावित पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के विरोध में प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
उन्होंने आरोप लगाया, शुरू से ही हम कहते रहे हैं कि इस परियोजना का बिहार में भारी विरोध होगा। लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार अपने बड़े कारोबारी मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए इसे जबरन लागू करना चाहती है। किशोर (47) से राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया मांगी गई।
तिवारी ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्हें पहले दसवीं की परीक्षा पास करनी चाहिए। किशोर ने तिवारी की इस टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी दसवीं की परीक्षा पास करनी है। मिथिलेश तिवारी अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाएं कि मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष दोनों साथ में दसवीं की परीक्षा दें। उनकी शिक्षा बिहार के काम आ जाएगी।