बिहार में 31 जनवरी तक जमीन मापी के लंबित मामलों का निपटारा होगा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों के मांगे ये सुझाव
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार-
Published on: 

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को घोषणा की कि भूमि माप के लिए लंबित सभी आवेदनों का एक विशेष अभियान के माध्यम से 31 जनवरी तक निस्तारण कर दिया जाएगा।

कुमार ने कहा कि नयी सरकार के गठन के तुरंत बाद शुरू किए गए ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए लगातार ठोस फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खासकर सात निश्चय-3 (2025-2030) के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ को केंद्र में रखकर भूमि माप जैसी जटिल प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का रोडमैप तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री कुमार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राज्य में जमीन मापी कराने के इच्छुक लोगों द्वारा आवेदन देने के पश्चात जमीन मापी की प्रक्रिया संपन्न होने में काफी वक्त लग जाता है। इस कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जमीन की समय पर मापी नहीं होने के कारण अनावश्यक भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं। ऐसे में ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु भूमि मापी की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं नागरिक अनुकूल बनाने के लिए निम्न निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने राज्य में भूमि मापन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए समयबद्ध उपायों की एक श्रृंखला पेश की। कुमार ने कहा, 1 अप्रैल 2026 से अविवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 7 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी तथा विवादित जमीन की मापी के लिए आवेदक द्वारा मापी शुल्क जमा किए जाने के अधिकतम 11 कार्य दिवस में जमीन की मापी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अविवादित तथा विवादित जमीन की निर्धारित कार्य दिवस में मापी की प्रक्रिया पूर्ण कर अमीन द्वारा मापी का प्रतिवेदन मापी के पश्चात आवेदक के आवेदन की तिथि के 14वें दिन निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने राजस्व और भूमि सुधार विभाग को आवश्यक मानव संसाधन और साधन तैनात करने का निर्देश भी दिया और पूरी प्रक्रिया की सघन निगरानी के लिए एक प्रणाली स्थापित करने को कहा। कुमार ने जनता से इन उपायों पर निर्धारित माध्यमों के जरिए 25 जनवरी तक अपनी प्रतिक्रियाएं और सुझाव देने का अनुरोध किया।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in