

पटना : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण सदन की कार्यवाही लगभग एक घंटे तक बाधित रही।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सदस्य आलोक मेहता ने पटना में दो दिन पहले शुरू हुए छात्र आंदोलन पर चर्चा कराने की मांग की। यह आंदोलन गुरुवार को राज्य के कई अन्य जिलों तक फैल गया।
मेहता ने कहा, लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए हैं। जहानाबाद में कल पुलिस ने गोली भी चलाई। अपनी उचित मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों को दबाने की कोशिश की जा रही है। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।
राज्य में छात्र संगठनों का आंदोलन राष्ट्रीय राजधानी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन से प्रेरित बताया जा रहा है, जो अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
हालांकि, मेहता की बात के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, छात्रों की आड़ में उपद्रवी अराजकता फैला रहे हैं। सदन को इसकी निंदा का प्रस्ताव पारित करना चाहिए।
इसके बाद, सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर खड़े होकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। कई सदस्य आसन के समक्ष पहुंच गए, जबकि विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार लगातार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने की अपील करते रहे।
हंगामा कुछ मिनट तक जारी रहने के बाद, अध्यक्ष की अपील का कोई असर नहीं होने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।