

पटना : बिहार विधानसभा में शुक्रवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विपक्ष ने पटना के डाकबंगला चौराहे पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया।
हंगामे के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक श्याम बाबू यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उन पर और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया। उन्होंने सदन में कहा कि यदि हालात कुछ और होते तो उनकी हत्या भी हो सकती थी।
श्याम बाबू यादव के बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष के विधायक आईपी गुप्ता और सत्ता पक्ष के कुछ विधायक आमने-सामने आ गए और मार्शलों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हुई। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले विपक्षी विधायक बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में उन्होंने विधानसभा परिसर में धरना भी दिया। प्रदर्शन के दौरान 'भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ' के नारे लगाए गए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
विपक्षी विधायकों के हाथों में परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के सम्मान की मांग वाले पोस्टर थे। पोस्टरों पर '10 वर्षों में 152 पेपर लीक क्यों, भाजपा सरकार जवाब दो' और 'छात्रों की है एक ही मांग, पारदर्शी परीक्षा और सम्मान' जैसे संदेश लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए 'छात्रों पर पुलिस बर्बरता नहीं चलेगी' के नारे भी लगाए।
उधर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक सतीश यादव विधानसभा परिसर में धरने पर बैठे रहे। उनके पास एक ओर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का चित्र और दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाला पोस्टर रखा था।