

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपनी अंतिम मंत्रिमंडल बैठक में सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्ष 2005 में सरकार में आने के बाद उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार राज्य के लिए कार्य किया और आगे भी नई सरकार को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। इसके बाद कुमार ने कहा, 2005 में मैं सरकार में आया, जहां तक मुझसे हो सका मैंने किया। नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
राज्य सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने बैठक को विशेष बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने करीब दो दशकों तक राज्य की सेवा की है और उनके कार्यों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री इस्तीफा देने की तैयारी में हैं और इसके लिए राज्यपाल से समय लिया गया है।
राज्य के मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार की जनता का भरोसा कायम रखा और राज्य को मजबूत तथा समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य किया। नई सरकार के गठन के बाद भी कुमार मार्गदर्शक की भूमिका में बने रहेंगे।
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि कुमार के नेतृत्व में राज्य में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन देखने को मिला है और भविष्य में भी उनका योगदान जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यसभा के माध्यम से भी वह बिहार से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।
मंत्री संजय सिंह ने कहा कि यह नीतीश कुमार मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक थी, जिसमें मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को संबोधित किया और इसे अपने कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक बताया। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने जाएंगे।
राज्य सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने इसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसे नेता के साथ लंबे समय तक काम करने का अवसर मिला और कुमार ने बिहार के लिए बहुत कार्य किए हैं।
इस बीच, BJP विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि दोपहर में BJP विधायक दल की बैठक होगी, जिसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का नाम बिहार के इतिहास में दर्ज रहेगा और नई भूमिका में भी उनकी भागीदारी राज्य के विकास में बनी रहेगी।