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बिहार में टोल टैक्स (Toll Tax) को लेकर सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला किया है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। बिहार सरकार ने नियमों में अहम बदलाव करते हुए घोषणा की है कि अब राज्य में निजी वाहनों (Private Vehicles) को किसी भी तरह का टोल टैक्स नहीं देना होगा।
अब सरकार केवल कमर्शियल वाहनों से ही टोल वसूलेगी। यानी बस, ट्रक और टैक्सी जैसी गाड़ियों को ही टोल टैक्स देना होगा, जबकि परिवार के साथ निजी गाड़ी में सफर करने वाले आम लोगों को इससे पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा
अररिया जिले के फारबिसगंज में आयोजित एक सहयोग शिविर के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर स्थिति बिल्कुल साफ की। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स को लेकर कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश नहीं है। टोल टैक्स को लेकर सरकार की नीति और रुख पूरी तरह स्पष्ट है, आम जनता और निजी वाहनों को राहत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टोल टैक्स को लेकर सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ कहा कि टोल टैक्स का नियम केवल व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों पर ही लागू होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति अपने परिवार के साथ निजी गाड़ी में सफर कर रहा है, तो सरकार उसे पूरी राहत देगी। बिहार सरकार के नए फैसले के मुताबिक, अब राज्य में किसी भी प्राइवेट वाहन से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।
सीएम ने यह भी भरोसा दिलाया कि टोल टैक्स से जुड़ी पूरी व्यवस्था भारत सरकार के तय मानकों (गाइडलाइंस) के अनुसार ही संचालित होगी। राज्य सरकार का यह कदम पूरी तरह से आम जनता के हितों और फायदे को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
स्टेट हाईवे पर भी लगेगा टोल: आपको बता दें कि बिहार सरकार के तहत आने वाले स्टेट हाईवे (SH) पर भी टोल टैक्स वसूलने के प्रस्ताव को सम्राट कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है।
सड़कों की हो रही पहचान: इस व्यवस्था को जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा, जिसके लिए फिलहाल उन सड़कों को चिन्हित किया जा रहा है जहां टोल नाके बनाए जाने हैं।
अब तक का नियम: गौरतलब है कि अब तक बिहार में केवल राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर ही टोल टैक्स लिया जाता था, लेकिन अब स्टेट हाईवे भी इसके दायरे में आएंगे, जहाँ सिर्फ कमर्शियल गाड़ियों से ही टैक्स लिया जाएगा।
बिहार सरकार द्वारा स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूलने की मंजूरी दिए जाने के बाद से ही जनता के बीच कई तरह के सवाल और चर्चाएं तैर रही थीं। लेकिन अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्टेट हाईवे पर भी निजी (प्राइवेट) गाड़ियों को पूरी छूट रहेगी और उनसे कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। सरकार केवल कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों से ही टैक्स वसूलेगी। हालांकि, सरकार ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि इस नई व्यवस्था को कब से जमीन पर उतारा जाएगा।
बिहार में 3 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा स्टेट हाईवे का नेटवर्क है, जिसमें फोर-लेन और टू-लेन दोनों तरह की सड़कें शामिल हैं। ऐसे में इस फैसले को लेकर दो बड़े सवाल और चिंताएं सामने आ रही हैं। इतनी लंबी सड़कों के जाल में से किन-किन रूटों पर टोल नाके बनाए जाएंगे और कमर्शियल वाहनों से टैक्स वसूला जाएगा, इसे लेकर अभी कौतुहल बना हुआ है। सरकार जल्द ही इन सड़कों को चिन्हित करेगी।
बाजार पर पड़ेगा सीधा असर: स्टेट हाईवे पर कमर्शियल गाड़ियों (जैसे ट्रक, बस और मालवाहक वाहन) से टोल टैक्स वसूलने का सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर पड़ेगा। माल ढुलाई महंगी होने से स्थानीय बाजारों में रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी इसका असर दिखना तय माना जा रहा है।