NEET अभ्यर्थी की मौत : नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाया
पटना में NEET अभ्यर्थी की मौत पर सियासत तेज
पटना में NEET अभ्यर्थी की मौत पर सियासत तेज
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पटना : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटना में एक नीट अभ्यर्थी की मौत को लेकर सोमवार को बिहार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उस पर मामले की जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता आयकर चौराहे के पास जुटे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व राज्य पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।

पटना में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद की 18 वर्षीय अभ्यर्थी जनवरी की शुरुआत में चित्रगुप्त नगर स्थित छात्रावास में बेहोशी की हालत में मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।

अभ्यर्थी के परिजनों ने दावा किया है कि उसका यौन उत्पीड़न हुआ था। उन्होंने अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। राज्य पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

अल्लावरू ने कहा, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है। सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। हर कोई जानता है कि बिहार में पुलिस की दबंगई के कारण लोगों को न्याय नहीं मिलता।

उन्होंने सवाल किया, पहले तीन दिनों तक प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई? लोग पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय चाहते हैं। आरोपियों को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया ?

अल्लावरू ने कहा कि मामले की जांच के लिए SIT गठित करने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टीम 'तथ्यों को दबाने और प्रभावशाली लोगों को बचाने' के लिए बनाई जाती हैं।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, सरकार की मंशा इस मामले को सुलझाने की नहीं है। सरकार और पुलिस आरोपियों को बचा रही है। हम लड़की और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।

इससे पहले, रविवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि नीट अभ्यर्थी की मौत में शामिल लोगों को 'बख्शा नहीं जाएगा।'

गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे चौधरी ने कहा था, पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए SIT पहले ही गठित कर दी है। पुलिस महानिदेशक (DGP) खुद जांच की निगरानी कर रहे हैं। नीट अभ्यर्थी की मौत में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

NEET अभ्यर्थी की मौत के बाद पटना में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने छात्रावास के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की की मौत बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खाने से हुई और वह टाइफॉयड से भी पीड़ित थी।

हालांकि, लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के पीछे 'यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।' परिजनों के लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बावजूद पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय जांच और CCTV फुटेज इस संभावना से इनकार करते हैं।

पटना पुलिस ने 13 जनवरी को कहा था, चिकित्सकों को यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिले हैं और उन्होंने बताया है कि लड़की ने बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खाई थीं तथा वह टाइफॉयड से भी पीड़ित थी।

मृतका के परिजनों ने रविवार को कहा कि छात्रावास की वार्डन और उन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला बताया था। उन्होंने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने मामले को 'दबाने की कोशिश' की।

मृतका के पिता ने कहा, छात्रावास की वार्डन, चिकित्सक और कुछ पुलिसकर्मी आपस में मिले हुए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रावास प्रशासन ने समझौते के लिए हमें पैसे की पेशकश की थी। यहां तक कि पुलिसकर्मियों ने भी हमें धमकाया और कहा कि हम इस मामले में मीडिया से कुछ न कहें।

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