बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू ! 2016 से अब तक जहरीली शराब से 354 लोगों की मौत

वर्ष 2026 मार्च तक में शराब की औसत मासिक बरामदगी में 2025 की तुलना में 18% की वृद्धि
सांकेतिक तस्वीर
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पटना : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक जहरीली शराब के सेवन से 354 लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, वर्ष 2026 (मार्च तक) में शराब की औसत मासिक बरामदगी में 2025 की तुलना में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत राज्य में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू है। मद्यनिषेध एवं राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो के ADG अमित कुमार जैन ने कहा, शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब के सेवन से 354 लोगों की मौत हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में समस्तीपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि पिछले एक सप्ताह में सारण जिले में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत होने की आशंका है।

जैन ने कहा, वर्ष 2026 के शुरुआती दो महीनों में शराब की औसत मासिक बरामदगी 3,70,684 लीटर रही, जो 2025 के 3,14,610 लीटर की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। वहीं 2024 में यह आंकड़ा लगभग 2,88,425 लीटर था, जो 2025 की तुलना में नौ प्रतिशत कम था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 में बिहार पुलिस द्वारा कुल क्रमशः 34,61,096 लीटर और 37,75,321 लीटर शराब जब्त की गई, जबकि 2026 के शुरुआती दो महीनों में 7,41,368 लीटर शराब बरामद की गई है।

जैन ने कहा कि राज्य के भीतर शराब की बरामदगी के अलावा बिहार पुलिस की मद्यनिषेध इकाई अंतरराज्यीय छापेमारी भी करती है। इस वर्ष के पहले दो महीनों में पुलिस की मद्यनिषेध इकाई ने राज्य के बाहर तीन जगहों पर छापेमारी की-दो उत्तर प्रदेश में और एक झारखंड में।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में ऐसी चार छापेमारी की गई थीं, जबकि 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 38 हो गई, जिनमें झारखंड में 15 , उत्तर प्रदेश में 17, छत्तीसगढ़ में चार और मध्यप्रदेश में दो की गई थीं।

पुलिस के बयान के अनुसार, इस वर्ष के पहले दो महीनों में 8,072 कारोबारियों और 14,755 उपभोक्ताओं सहित कुल 22,827 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 251 गिरफ्तारियां राज्य के बाहर की गईं।

वर्ष 2025 में मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कुल 1,25,575 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 48,780 आपूर्तिकर्ता/कारोबारी और लगभग 76,795 उपभोक्ता शामिल थे। एडीजी ने कहा कि जब्त शराब को नष्ट करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, मद्यनिषेध इकाई ने विभिन्न थानों में औचक निरीक्षण किए हैं और गोदामों की निगरानी की है। शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को कानूनी प्रावधानों तथा नियमों से संबंधित एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गयी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से लेकर 2026 के शुरुआती दो महीनों तक गांजा, चरस, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक, कोकीन, डोडा, अफीम और टैबलेट, इंजेक्शन तथा कोडीन युक्त कफ सिरप जैसे रासायनिक नशीले पदार्थों की बरामदगी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

सारण जिले में हाल ही में जहरीली शराब से हुई संदिग्ध मौतों का जिक्र करते हुए जैन ने कहा कि नामजद 10 आरोपियों में से छह को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी सूरज महतो को नारकोटिक्स ब्यूरो की खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़कर वापस लाया गया और गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि मृतकों में से दो का पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि अन्य तीन शवों का पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था। जैन ने कहा, पूरी जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन बरामद शराब की रासायनिक जांच में अल्कोहल की पुष्टि हुई है।

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