

नयी दिल्ली/ पटना : दिल्ली पुलिस ने बिहार में राजधानी पटना के पास नकली दवाएं और नशीले पदार्थ बनाने में शामिल एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई अपराध शाखा थाने में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS) के तहत दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान की गई।
पुलिस ने बताया कि यह सफलता बिहार में इसी तरह की दो अवैध दवा इकाइयों का पर्दाफाश होने के कुछ दिनों बाद मिली है। पिछली गिरफ्तारियों और अरुण नामक आरोपी से पूछताछ से प्राप्त जानकारी के आधार पर, अपराध शाखा की एक टीम ने एक अन्य संदिग्ध बृजेश पर ध्यान केंद्रित किया, जो अवैध विनिर्माण और पुन: पैकेजिंग इकाई का कथित रूप से संचालन कर रहा था।
अधिकारी ने बताया कि अरुण पहले नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण और वितरण का काम देख रहा था और एक गुप्त दवा उत्पादन इकाई चला रहा था। उसके खुलासे के आधार पर, स्थानीय औषधि विभाग की टीम ने इकाई पर छापा मारा।
उन्होंने कहा कि इकाई को संचालित करने के लिए कोई लाइसेंस नहीं लिया गया था और न ही पेशेवर कर्मचारियों को रखा गया था, लिहाज़ा उचित प्रक्रिया के अनुसार कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
टीम ने परिसर से भारी मात्रा में नकली गोलियां, सिरप, मशीनरी और पैकेजिंग सामग्री जब्त की है। टीम को संदेह है कि ऐसी दवाओं को दोबारा पैक करके फर्जी मेडिकल कंपनियों के नाम से ऊंची कीमतों पर बाजार में बेचा जा रहा था, जिनके इस्तेमाल की मियाद समाप्त हो गई थी और इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था।
अधिकारी ने कहा, इस अभियान के तहत टीम ने अब तक इस व्यापक मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है और 13 किलोग्राम से अधिक ट्रामाडोल पाउडर तथा 500 ग्राम से अधिक अल्प्राजोलम सहित अन्य मादक पदार्थ बरामद किए है। गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
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