

पटना : बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य के विकास और जनहित से जुड़े 64 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 23,165 करोड़ रुपये की सब्सिडी, पुलिस विभाग में 20,937 पदों पर पदोन्नति और भर्ती का मार्ग प्रशस्त करने तथा शिक्षा क्षेत्र में 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने जैसे फैसले शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के तहत 23,165 करोड़ रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की गई है। इस राशि में से 18,005 करोड़ रुपये सीधे एनटीपीसी को दिए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का बोझ न बढ़े, जबकि शेष 5,160 करोड़ रुपये बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी को उपलब्ध कराए जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना के तहत हर महीने 1,500.41 करोड़ रुपये भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से एनटीपीसी को भेजे जाएंगे, जिससे राज्य में बिजली दरों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रिमंडल ने ‘7 निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत उन 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है, जहां अब तक कोई डिग्री कॉलेज नहीं है। इसके लिए 9,152 पदों का सृजन किया गया है तथा प्रारंभिक व्यवस्था के लिए 104 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को ‘आदर्श विद्यालय’ (मॉडल स्कूल) के रूप में विकसित करने के लिए 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
पुलिस बल को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उपनिरीक्षक और समकक्ष स्तर के 20,937 पदों में से 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पटना सहित चार शहरों में यातायात पुलिस के 485 नए पद सृजित किए गए हैं।
पटना में साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए 51.19 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक भवन निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। वित्त विभाग के अंतर्गत ‘साइबर ट्रेजरी’ के गठन तथा 23 नए पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया है।
पथ निर्माण विभाग के तहत बिदुपुर-दिघवारा (56 किलोमीटर), सारण-गोपालगंज (73.51 किलोमीटर) तथा बक्सर-आरा-मनेर (90 किलोमीटर) गंगा पथ परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा 29,933 जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव तथा ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (आईओटी) आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने के लिए 3,601 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि संजय गांधी जैविक उद्यान को अब आधिकारिक रूप से ‘पटना जू’ के नाम से जाना जाएगा।