

नयी दिल्ली/ पटना : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को बिहार के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान वह सीमा पर घुसपैठ और कथित अवैध धार्मिक ढांचों के कारण राज्य के सीमांचल क्षेत्र में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
शाह तीनों दिन सीमावर्ती क्षेत्रों में डेरा डालेंगे। इस दौरान वह सात सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों (SP) और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। सीमांचल में बिहार के अररिया, किशनगंज और पूर्णिया सहित कई उत्तर-पूर्वी जिले शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शाह के क्षेत्र में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय परिवर्तन के मुद्दों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करने तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति और सीमा प्रबंधन का जायजा लेने का कार्यक्रम है।
अधिकारियों के मुताबिक, बैठक के दौरान गृह मंत्री सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्मित अवैध धार्मिक ढांचों और स्थानीय अधिकारियों की ओर से उन घुसपैठियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट तलब कर सकते हैं, जो कथित तौर पर क्षेत्र की जनसांख्यिकी बदल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों से जनसांख्यिकीय पैटर्न, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और प्रवर्तन कार्रवाइयों का आकलन पेश करने के लिए भी कहा जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्री सशस्त्र सीमा बल (SSB) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी चर्चा करेंगे, जो नेपाल और भूटान के साथ लगने वाली लगभग 2,400 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाला केंद्रीय बल है।
उन्होंने बताया कि चर्चा में निगरानी तंत्र, खुफिया समन्वय और बिना दस्तावेजीकरण के सीमा पार आवागमन पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदम भी शामिल हो सकते हैं। शाह अपने भाषणों के दौरान यह दावा करते आए हैं कि हर घुसपैठिये का पता लगाया जाएगा, मतदाता सूची से उसका नाम हटा दिया जाएगा और उसे उसके देश वापस भेज दिया जाएगा।
गृह मंत्री ने पिछले साल अक्टूबर में एक चुनाव रैली में कहा था, हमारी सरकार भारत में घुसपैठ करने वाले हर व्यक्ति को चुन-चुनकर बाहर निकालेगी। उनका पता लगाकर उन्हें उनके देशों में वापस भेज दिया जाएगा।
शाह के दौरे की तैयारियों से वाकिफ अधिकारियों ने कहा कि गृह मंत्री के सीमावर्ती क्षेत्रों में कथित तौर पर निर्मित अवैध धार्मिक ढांचों और स्थानीय अधिकारियों की ओर से उनके खिलाफ उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट तलब किए जाने जाने की उम्मीद है।
अधिकारियों के मुताबिक, शाह बुधवार को किशनगंज कलेक्टरेट में भूमि पत्तन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक भी करेंगे। अगले दिन वह लेट्टी और इंदरवा में सीमा चौकियों का उद्घाटन करने के साथ-साथ एसएसबी की विभिन्न परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शिलान्यास करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, शाह ‘वाइब्रेंट विलेजेज’ योजना के दूसरे चरण के कार्यान्वयन की भी समीक्षा करेंगे।