

पटना : उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुजफ्फरपुर (पश्चिम) के एसीजेएम की अदालत में एक आपराधिक मामला दायर किया गया है।
इस बीच, बिहार में सत्तारूढ़ BJP समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने साहू की कथित टिप्पणी की शनिवार को आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार की लड़कियां 20-25 हजार रुपये में विवाह के लिए उपलब्ध हैं।
याचिकाकर्ता ने कहा, ये टिप्पणियां न केवल बिहार की महिलाओं को अपमानित करने का, बल्कि उनकी संस्कृति को भी बदनाम करने का जानबूझकर किया गया प्रयास है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि अदालत ने सुनवाई की तारीख 12 जनवरी तय की है।
सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं के अलावा निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने पिछले महीने अल्मोड़ा में एक कार्यक्रम में की गई टिप्पणी के लिए साहू की आलोचना की।
उत्तराखंड में BJP की सरकार है, जबकि बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वह एक घटक दल है।
सोशल मीडिया पर आए कथित वीडियो में साहू को यह कहते हुए सुना जा सकता है, क्या तुम बुढ़ापे में शादी करोगे ? अगर शादी नहीं हो पा रही है, तो हम बिहार से लड़की ले आएंगे, वहां 20–25 हजार रुपये में मिल जाएगी।
BJP के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल ने इन टिप्पणियों की निंदा की। पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष जायसवाल ने कहा, किसी का पति या बेटा ऐसी भाषा नहीं बोल सकता। यह एक गलत कृत्य था और हम इसकी निंदा करते हैं।
RJD के प्रवक्ता एजाज अहमद ने दावा किया कि साहू की भाषा ‘बिहार की महिलाओं का अपमान है’ और ‘किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है’।
उन्होंने कहा, BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन जी (जो बिहार से हैं) के लिए यह अग्नि परीक्षा है। अब देखना यह है कि वह मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करते हैं या नहीं और उनके पति को पार्टी से निष्कासित करते हैं या नहीं।
अहमद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ‘राज्य की महिलाओं का अपमान करने’ का भी आरोप लगाया और दावा किया कि ऐसे कृत्यों ने गठबंधन के नेताओं का मनोबल बढ़ाया है।
वह उस घटना का संदर्भ दे रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री ने पिछले महीने एक सरकारी कार्यक्रम में एक महिला चिकित्सक का नकाब हटा दिया था। RJD की महिला इकाई ने शनिवार को पटना में विरोध मार्च निकाला और BJP का पुतला जलाया।
प्रदर्शन में शामिल राजद की एक अन्य प्रवक्ता सारिका पासवान ने दावा किया कि इस बयान से साहू ने ‘BJP नेताओं सहित बिहार की सभी बहनों और बेटियों को एक ही श्रेणी में रख दिया है।’ उन्होंने मांग की कि भाजपा साहू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि कोई भी इस तरह के शब्द बोलने की हिम्मत न कर सके।
पासवान ने जोर देकर कहा कि BJP यह साबित कर रही है कि ‘उसके नेताओं और मंत्रियों की बेटियों के प्रति क्या भावनाएं हैं’। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी साहू के बयान की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, सरकार को ऐसे मामलों का त्वरित सुनवाई के जरिए निपटारा करना चाहिए या फिर ऐसी भाषा इस्तेमाल करने वालों की जुबान हमेशा के लिए काट देनी चाहिए। यादव ने ऐसे लोगों की तुलना 'गोबर' से की और कहा कि 'महिलाओं के प्रति उनका रवैया हमेशा से ऐसा ही रहा है।'
विवाद के बाद साहू ने माफी मांग ली है, वहीं BJP की उत्तराखंड इकाई ने इस बयान की निंदा करते हुए खुद को अलग करने की कोशिश की और कहा कि उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
कांग्रेस ने शुक्रवार को साहू की टिप्पणी को भारत की महिलाओं का ‘अपमान’ बताया और BJP से इस मामले पर माफी की मांग की।