

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ मतदान देखने को मिला है, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। अगर 2026 के चुनाव की तुलना 2021 से करें, तो इस बार वोटिंग प्रतिशत में स्पष्ट बढ़ोतरी नज़र आई है। इस बार क़रीब 90% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि 2021 में पहले चरण में यह आंकड़ा लगभग 84% के आसपास रहा था।
2021 में जहाँ कुछ इलाकों में मतदाता उदासीनता देखने को मिली थी, वहीं 2026 में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। विशेष रूप से युवा मतदाताओं और महिलाओं की भागीदारी इस बार अधिक रही है, जो चुनावी प्रक्रिया के प्रति बढ़ते विश्वास को दिखाता है।
इसके अलावा, चुनाव आयोग की ओर से बेहतर प्रबंधन, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता अभियानों का भी सकारात्मक असर पड़ा है। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह बढ़ी हुई वोटिंग अहम मानी जा रही है, क्योंकि अधिक मतदान अक्सर मजबूत जनादेश का संकेत देता है।
कुल मिलाकर, 2026 का चुनाव 2021 की तुलना में अधिक सक्रिय, जागरूक और भागीदारीपूर्ण साबित होता दिख रहा है।