प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अक्षय तृतीया के दिन रविवार को गायत्री फाउंडेशन द्वारा एक पौराणिक कथानक 'नारायणी' का विशेष मंचन किया गया। लगभग 75 मिनट की यह प्रस्तुति हाउसफुल रही और दर्शकों ने इसकी काफी सराहना की। यह पौराणिक प्रस्तुति राजस्थान के झुंझुनू स्थित श्री राणीसती जी मंदिर की अधिष्ठात्री देवी 'नारायणी बाई"' की महिमा पर आधारित है, जिन्हें देवी दुर्गा के स्वरूप त्रिशूल रूप में पूजा जाता है। गायत्री फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत यह नाटक केवल एक पौराणिक कथानक नहीं है, यह एक स्मरण है। इस फाउंडेशन का नाम रमेश पाटोदिया की माताजी गायत्री के नाम पर है। उनकी सीख थी कि जो कुछ भी हमें मिला है, वह लौटाने के लिए है।
उनकी यही प्रेरणा गायत्री फाउंडेशन की नींव है, और यह प्रस्तुति उनके उसी संस्कार का विस्तार है। नारायणी की परिकल्पना, शोध प्रोड्यूसर कविता पाटोदिया गायत्री फाउंडेशन की ट्रस्टी और रमेश पाटोदिया की धर्मपत्नी के उस विश्वास का प्रारंभ है कि मंच केवल मनोरंजन का स्थान नहीं, वह जागरण का माध्यम है। पलाश चतुर्वेदी ने अशोक सिंह के मार्गदर्शन में इस भाव को शब्दों और दृश्यों में इस प्रकार ढाला कि पौराणिक सत्य दर्शक के हृदय तक सीधा पहुंचे। नाटक की पटकथा एवं डिजाइन पलाश चतुर्वेदी, शोध एवं संकल्पना कविता पटोदिया, क्रिएटिव सुपरविजन प्रियंका गुप्ता तथा प्रोडक्शन का कुशल संचालन स्मृति चतुर्वेदी ने किया।
अशोक सिंह - कृष्ण/घनश्याम जी, स्वाति शर्मा - उत्तरा/आदिशक्ति, आलोक बर्षा बोस - नारायणी, युवराज सुराणा -तंधन, जाहिद हुसैन -राणा, पलाश चतुर्वेदी - अभिमन्यु, प्रत्युष तिवारी- फतेह खान तथा रहीम पिरानी -अश्वत्थामा/दिति/नवाब की भूमिका मे नजर आये। डीपीएस हावड़ा की छात्राओं और टीचर्स ने इनका बखूबी साथ निभाया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. झुंझुनवाला, राणी सती जी मंदिर के ट्रस्टी देवेंद्र झुंझुनवाला एवं विवेक रुइया, श्री राणी सती जी मंदिर के पूर्व अध्यक्ष सतीश झुंझुनवाला, झुंझुनू से संबद्ध उद्योगपति राकेश शाह, कलकत्ता चैम्बर ऑफ कॉमर्स लेडीज फोरम की अध्यक्षा मंजुला जैन तथा WNW प्रतिष्ठान की रीता भौतिका एवं हर्ष भौतिका सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।