

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य सरकार ने शहरों को साफ रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं। मंगलवार से सड़कों पर थूकने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया गया है। हालांकि, शहरी विकास एवं नगर निकाय मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी खजाना भरना नहीं, बल्कि उन लोगों की आदतों में बदलाव लाना है जाे गंदगी फैलाते हैं। नयी व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकते पकड़े जाने पर 100 रुपये का जुर्माना, कचरा फेंकने या गंदगी फैलाने पर 200 रुपये, खुले में शौच या सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने पर भी 200 रुपये का जुर्माना लगेगा। 125 माइक्रोन से कम मोटाई वाले एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के थैले के इस्तेमाल पर भी 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
कोलकाता और राज्य के दूसरे शहर सुंदर बनें
मंत्री ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘जुर्माने के जरिए पैसा इकट्ठा करने के लिए सख्ती करने के बजाय हमारा उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। हम जुर्माना लगाकर लोगों से पैसा नहीं लेना चाहते। हम चाहते हैं कि कोलकाता और हमारे राज्य के दूसरे शहर सुंदर बनें।’’मंत्री ने माना कि केवल जुर्माना लगाने से शहर साफ नहीं हो सकते और लोगों की सोच में बदलाव जरूरी है। उन्होंने वाहन चालकों और यात्रियों से सीधी अपील करते हुए कहा कि ‘‘कार की खिड़की खोलकर कोई पैकेट बाहर फेंकने से पहले या बस से थूकने से पहले एक बार जरूर सोचें।’’
बाजारों और स्टेशन के आसपास कूड़ेदान होंगे
मंत्री ने कहा कि बाजारों और रेलवे स्टेशन के आसपास कई जगहों पर कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं और सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार से जुर्माना शुरू हुआ है, लेकिन कूड़ेदान लगाने और शौचालय बनाने का काम भी जारी है। विभाग प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाले निर्माताओं को प्रतिबंधित प्लास्टिक की जगह अनुमत विकल्प अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। प्लास्टिक के थैलों के विकल्प उपलब्ध कराने के लिए बाजारों में मशीनें लगाई जा रही हैं। दो तरह की मशीन उपलब्ध कराई जाएंगी। एक मशीन एक रुपये में मक्के से बने थैले देगी, जबकि दूसरी मशीन पांच से 10 रुपये की कीमत वाले कपड़े के थैले उपलब्ध कराएगी।
रिहायशी इलाकों के अंदर कूड़ेदान नहीं रखे जाएंगे
मंत्री ने कहा कि रिहायशी इलाकों के अंदर कूड़ेदान नहीं रखे जाएंगे। इसके बजाय घरों से कचरा दो अलग-अलग थैलों में अलग करके सफाई कर्मचारियों को देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कार्रवाई राज्य में कई वर्षों से मौजूद प्रावधानों को फिर से लागू करने की दिशा में भी एक कदम है। 2019 में संशोधित नगर निकाय कानून के तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता था। कोलकाता में अवैध रूप से कचरा फेंकने पर 50 रुपये से 5,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था। इन प्रावधानों के बावजूद उनका प्रभावी अनुपालन हमेशा चुनौती बना रहा है। हालांकि, भाजपा सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इन कानूनों में कोई संशोधन करेगी या नहीं। ऐसे में नई कार्रवाई में सिर्फ जुर्माने की राशि ही नहीं, बल्कि सड़कों पर इन नियमों को वास्तव में कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी। राज्य में भाजपा सरकार के गठन को चार महीने पूरे हो चुके हैं। ऐसे में मंत्री का यह कहना कि नगर निकायों की तैयारियां अभी जारी हैं, संकेत देता है कि आने वाले दिनों में नई व्यवस्था के अमल पर करीबी नजर रहेगी।