

कैनिंग : सर्दियों की शुरुआत के साथ ही सुंदरवन की नदियों-खाड़ियों में रॉयल बंगाल टाइगर की झलक मिलने लगी है। कभी अकेले, कभी जोड़ी या झुंड में। पिछले हफ्ते ही दो बार बाघ दिखाई दिए। अब सवाल यह है कि सुंदरवन के घने जंगलों में इस वक्त ठीक-ठीक कितने बाघ हैं? इसका सटीक जवाब जानने के लिए मंगलवार से सुंदरवन के दक्षिण 24 परगना वन विभाग में ‘ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन-2026’ का कार्य शुरू हो गया है।
दक्षिण 24 परगना वन विभाग की डीएफओ निशा गोस्वामी ने बताया कि साउथ 24 परगना डिविजन वन विभाग के अंतर्गत कुल 320 हाईटेक इन्फ्रा-रेड कैमरा ट्रैप लगाने का काम शुरू किया गया है।
मतला रेंज में 40, रायदीघी रेंज में 140 और रामगंगा रेंज में 140 कैमरे लगाए जाएंगे। 30 नवंबर तक कैमरे लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। ये कैमरे करीब 45 दिन बाद खोले जाएंगे। इस दौरान बाघों की हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रहेगी। इस बार खास बात यह है कि केवल बाघों की संख्या ही नहीं गिनी जाएगी, बल्कि उनके भोजन की उपलब्धता का भी आकलन किया जाएगा। हिरण, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी जानवरों की मौजूदगी भी कैमरों में रिकॉर्ड की जाएगी।
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