10 साल बाद स्वच्छ भारत मिशन की बैठक में शामिल हुआ बंगाल

200 करोड़ की योजना तैयार
अग्निमित्रा पाल
अग्निमित्रा पाल
Published on

बंगाल में सफाई अभियान को नई दिशा

प्लास्टिक-फ्री शहर बनाने की तैयारी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद केंद्र की योजनाओं को तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन के बाद अब राज्य के कई शहरों को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ा जा रहा है। दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री Manohar Lal Khattar की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य मंत्री Agnimitra Paul शामिल हुईं। पिछले 10 वर्षों में पहली बार बंगाल से किसी मंत्री ने इस बैठक में भाग लिया।

बैठक के बाद अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान बंगाल में स्वच्छ भारत मिशन का काम सही तरीके से आगे नहीं बढ़ पाया और केवल 16 प्रतिशत राशि ही खर्च की गई। उन्होंने बताया कि पहले चरण में दुर्गापुर-आसनसोल, कालिम्पोंग और दार्जिलिंग में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिनके लिए करीब 200 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कों के साथ-साथ गलियों की सफाई पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही शहरों को धीरे-धीरे प्लास्टिक-फ्री बनाने और कचरा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की योजना है। कचरे को रीसायकल कर उपयोगी संसाधनों में बदलने पर भी सरकार फोकस करेगी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस महीने के अंत तक बंगाल दौरे पर आ सकते हैं, जहां परियोजनाओं की प्रगति और आगे की योजनाओं पर चर्चा होगी।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in