केंद्र व राज्य सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की
केंद्र व राज्य सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
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सन्मार्ग संवाददाता

आसनसोल : केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ सोमवार को आसनसोल में वामफ्रंट और डीवाईएफआई की ओर से विशाल जुलूस निकाला गया। गौरतलब है कि गिरजा मोड़ से शुरू हुआ यह विशाल जुलूस प्रदर्शन करते हुये केंद्र में नए श्रम कोड का विरोध, बेरोजगारी, महंगाई और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे को लेकर भगत सिंह मोड़ होते हुए कोर्ट मोड़ पहुंचा, जहां हालात अचानक तनावपूर्ण हो गई। जुलूस जैसे ही कोर्ट मोड़ के पास पहुंचा, पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति और गंभीर तब हुई जब कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। वहीं हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और लंबे समय तक नारेबाजी करते रहे, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। प्रदर्शन में हजारों की संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में भारतीय संविधान की प्रतियां नजर आईं, जिससे आंदोलन को प्रतीकात्मक और वैचारिक दोनों रूप से मजबूत संदेश मिला। कार्यकर्ता पोस्टर, बैनर और नारों के जरिए सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाते दिखे। वामफ्रंट नेता गौरांग चटर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार संविधान की मूल भावना के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने मांग की कि श्रम कोड को तुरंत वापस लिया जाए और जनविरोधी नीतियों को खत्म किया जाए। वामफ्रंट ने इस पूरे प्रदर्शन को जेल भरो आंदोलन का नाम दिया है। नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा।

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