लोक अदालत के शिविर में सैकड़ों मामलों का हुआ निष्पादन

लोक अदालत में सुनावाई करते जज
लोक अदालत में सुनावाई करते जज
Published on

आसनसोल : आसनसोल जिला अदालत परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस मौके पर पश्चिम बर्धमान जिले के कुल 17 बेंचों की गठित टीम के सहयोग से कई मामलों का निष्पादन किया गया। बता दें कि लोक अदालत के शिविर में आसनसोल कोर्ट में 9 और दुर्गापुर कोर्ट में कुल 8 बेंचों को मिलाकर हजारों लंबित पड़े मामलों का निष्पादन किया गया। बताया जाता है कि लोक अदालत के शिविर में कुल 10 हजार 972 मामलों में से कुल 10 हजार 64 मामलों का निष्पादन हुआ। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आसनसोल के लोक अदालत के शिविर में प्री. लिटिगेसन केश अर्थात बैंक, बीएसएनएल, पारिवारिक मामले, वहीं पेंडिंग मामले अर्थात एनजीआर, एमवी, इलेक्ट्रिसिटी, एमएससी, ट्रैफिक चालान आदि से जुड़े कई मामलों को त्वरित निष्पादित की गई जिसकी अनुमानित कीमत 12 करोड़ 85 लाख 46 हजार 972 रुपये थी। मौके पर आसनसोल जिला अदालत के डिस्ट्रिक्ट जज सह डीएलएसए के सचिव देव प्रसाद नाथ, एडीजे फास्ट ट्रैक फास्ट कोर्ट की न्यायाधीश जयति साहा, फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश यासीन अहमद, स्पेशल कोर्ट के जज अरिंदम चट्टोपाध्याय, सिविल जज सीनियर डिवीजन फर्स्ट कोर्ट के न्यायाधीश उत्तम दास, एडिशनल मुंसिफ कोर्ट की न्यायाधीश सुनीता साहा, सेकंड मुंसिफ कोर्ट के न्यायाधीश अनुपम सरकार, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वितीय कोर्ट की न्यायाधीश अपर्णा चटर्जी, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पंचम कोर्ट के न्यायाधीश शुभ्रजीत मजूमदार, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सप्तम कोर्ट के न्यायाधीश सलोअर आलम के अलावा डीएलएसए सचिव आम्रपाली चक्रवर्ती, आफिस सुपरिटेंडेंट सौम्यजीत मुखर्जी, कैशियर आशीष चक्रवर्ती तथा कार्यकर्ता गौतम केवट की भी सक्रिय भूमिका देखी गई।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in