

सूरज, सन्मार्ग संवाददाता
बर्नपुर : SAIL-ISP बर्नपुर के द्वितीय चरण के आधुनिकीकरण को लेकर आदिवासी स्टूडेंट एंड यूथ फोरम, आसनसोल-दुर्गापुर ने आईएसपी के डीआईसी को ज्ञापन सौंपा है। गौरतलब है कि संगठन ने मांग की है कि बर्नपुर के आस-पास रहने वाले स्थानीय बेरोजगार आदिवासी युवाओं को आउटसोर्सिंग जॉब्स में लगाया जाए। फोरम का कहना है कि आदिवासी समाज ने इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है, इसलिए स्थानीय विकास और CSR के तहत उन्हें रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मौके पर मौजूद आदिवासी स्टूडेंट्स एंड यूथ फोरम के अध्यक्ष हीरालाल सोरेन ने कहा कि उनकी कुछ मांगे है जो इस प्रकार है। 20 अगस्त 2024 को पर्यावरण मंजूरी के लिए हुई जनसुनवाई में वादा किया गया था कि स्थानीय बेरोजगार आदिवासियों को आउटसोर्सिंग में काम दिया जाएगा, उसे पूरा किया जाए। दूसरा की द्वितीय चरण आधुनिकीकरण में अनस्किल्ड, सेमी-स्किल्ड और स्किल्ड कैटेगरी में योग्य आदिवासी युवाओं को प्राथमिकता पर भर्ती किया जाए। मेंटेनेंस , हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी कंस्ट्रक्शन वर्क जैसे काम जो आउटसोर्सिंग से हो रहे हैं, उनमें आदिवासियों को मौका दिया जाए। साथ ही कहा कि 2006 में पहले चरण में गैर-आदिवासी जमीन खोने वालों को नौकरी दी गई थी, वैसे ही आदिवासी जमीन खोने वालों को भी उसी प्रक्रिया से नौकरी और सही मुआवजा दिया जाए। मौके पर अन्य लोगों ने कहा कि SAIL-ISP क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर आदिवासी समुदाय पर पड़ रहा है, इसलिए उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। इस मौके पर गुरदास किस्कु, मालती किस्कु, घाघर किस्कु, संजय हांसदा, मौसमी बासकी, अभिषेक मरांडी सहित अन्य लोग मौजूद थे।