

जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता
सालानपुर : ईसीएल के तकनीकी निदेशक (संचालन) चितरंजन कुमार ने मंगलवार को सालानपुर एरिया की ओपनकास्ट परियोजनाओं का दौरा कर उत्पादन, ओवरबर्डन (OB) हटाने, कोयला डिस्पैच और भविष्य में खदानों के विस्तार की संभावनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने गौरांडी (A) गौरांडी-बेगुनिया एवं तथा इटापाड़ा खुली खदानों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कोयला डिस्पैच में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सालानपुर एरिया के महाप्रबंधक डीके सिंह ने तकनीकी निदेशक चित्तरंजन कुमार को गर्मजोशी से स्वागत किया। मौके पर गौरांडी बेगुनिया के अभिकर्ता अनिल कुमार राय प्रबंधक एसके सिंह प्रबंधक दिवाकर तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान खदान के भविष्य के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। चित्तरंजन कुमार ने कोयला उत्पादन और ओवरबर्डन हटाने की गति बढ़ाने के साथ-साथ खदान से कोयला डिस्पैच को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक उपायों पर जोर दिया। उन्होंने माइनिंग गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उत्पादन बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और डिस्पैच व्यवस्था को मजबूत करने के संबंध में आवश्यक सुझाव और निर्देश दिए।
इटापाड़ा के भविष्य और लंबी उम्र पर विशेष जोर
खदानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कोयला डिस्पैच की निरंतरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उत्पादन प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इटापाड़ खुली खदान को लेकर कहा कि यहां खदान की दीर्घकालिक उपयोगिता और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए भूमि अधिग्रहण की जरूरत है।
भूमि अधिग्रहण और R&R को प्राथमिकता
सालानपुर एरिया की इन महत्वपूर्ण ओपनकास्ट परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि भविष्य में उत्पादन और खदान विस्तार की योजनाओं को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान आवश्यक है।