होर्मुज संकट के बीच पाकिस्तान को बड़ा तेल-गैस भंडार मिला 
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होर्मुज संकट के बीच पाकिस्तान को मिला बड़ा तेल-गैस भंडार

OGDCL की नई खोज से घरेलू उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी, ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटाने और भविष्य में बड़े निवेश व अन्वेषण की राह खुली

इस्लामाबाद: वैश्विक ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच पाकिस्तान को एक नई ऊर्जा खोज के रूप में राहत मिली है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सांघर जिले में तेल और गैस का नया भंडार मिलने का दावा किया गया है। इस खोज की जानकारी देश की तेल एवं गैस विकास कंपनी OGDCL ने दी है।

कंपनी के अनुसार, इस क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 2000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि करीब 11 मिलियन क्यूबिक फीट गैस प्रतिदिन निकाली जा सकती है।

‘बोबी डीप-1’ नामक क्षेत्र में हुई खोज

यह खोज सांघर जिले के बोबी और धमराकी क्षेत्र में स्थित “Bobi Deep-1” कुएं में हुई है। बताया गया है कि यह ड्रिलिंग लगभग 3305 मीटर की गहराई तक की गई थी, जिसके बाद तेल और गैस के भंडार का पता चला।

OGDCL ने इस खोज को अपने लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है और कहा है कि इससे भविष्य में उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं खुल सकती हैं।

पाकिस्तान की रोजाना तेल खपत लगभग 4 लाख बैरल है

विशेषज्ञों के अनुसार, यह खोज भले ही पाकिस्तान की कुल जरूरतों की तुलना में सीमित हो, लेकिन इसका रणनीतिक महत्व काफी अधिक है।

देश वर्तमान में केवल 80,000 से 90,000 बैरल प्रतिदिन उत्पादन करता है

नया उत्पादन इस मांग का बहुत छोटा हिस्सा ही पूरा कर पाएगा

इसके बावजूद, यह खोज ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।

होर्मुज संकट के बीच मिली आंशिक राहत

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के बीच यह खोज पाकिस्तान के लिए आंशिक राहत दे सकती है। इससे देश को एलएनजी और कच्चे तेल की आपूर्ति में कुछ हद तक स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह खोज पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों का केवल एक छोटा हिस्सा ही पूरा कर सकेगी।

अगले चरण में बढ़ेगा अन्वेषण

OGDCL ने संकेत दिए हैं कि अगले 12 से 24 महीनों में इस क्षेत्र में और अधिक ड्रिलिंग की जाएगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि भंडार कितना बड़ा और व्यावसायिक रूप से कितना व्यवहारिक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान अभी भी बड़े निवेश और नए ऊर्जा स्रोतों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, इस खोज ने संकट के समय पाकिस्तान को एक मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक राहत जरूर दी है।

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