लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुमंजिला इमारतों और हाई-रिस्क क्षेत्रों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 350 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाले आधुनिक फायर टेंडर खरीदने की मंजूरी दी है।
यह निर्णय हाल के वर्षों में बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों में बढ़ती आग की घटनाओं और ऊंची इमारतों में राहत कार्य की चुनौतियों को देखते हुए लिया गया है।
नई योजना के तहत ऐसे फायर टेंडर खरीदे जाएंगे जो ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों तक आसानी से पहुंच सकें। इन अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों में भी आग बुझाने और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश आवास विभाग ने इस योजना में उन शहरों को शामिल किया है जहां तेजी से हाई-राइज़ बिल्डिंग्स का विकास हुआ है। इनमें गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद और अयोध्या शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को इस योजना से बाहर रखा गया है क्योंकि वहां की फायर सेवाएं औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधीन आती हैं।
योजना के तहत शहरों को उनकी जरूरत और ऊंचाई वाले भवनों के आधार पर फायर टेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे....
गाजियाबाद: 102 मीटर तक पहुंच वाले 2 फायर टेंडर, लगभग ₹50 करोड़
लखनऊ: 90 मीटर तक पहुंच वाले 2 फायर टेंडर, लगभग ₹68 करोड़
वाराणसी: 90 मीटर तक पहुंच वाला 1 फायर टेंडर, लगभग ₹34 करोड़
आगरा, मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज: 72 मीटर तक पहुंच वाले 1-1 फायर टेंडर, लगभग ₹22 करोड़ प्रति शहर
बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या: 42 मीटर तक पहुंच वाले 1-1 फायर टेंडर, लगभग ₹12.5 करोड़ प्रति शहर
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है। खासकर उन इलाकों में जहां ऊंची इमारतों का तेजी से विस्तार हो रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन आधुनिक फायर टेंडरों के आने से ऊंची इमारतों में आग लगने की स्थिति में समय पर राहत और बचाव कार्य करना अधिक आसान हो जाएगा, जिससे जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।