इन दिनों मानसिक समस्याओं को दिल, दिमाग की तमाम बीमारियों का एक बड़ा कारण माना गया है। किये गये अध्ययन में मेडिटेशन को स्ट्रेस घटाने में मददगार पाया गया है। ध्यान लगाने से व्यक्ति के अंदर खुद की शख्सियत के लिए एक सकारात्मक नजरिया पैदा होता है, जिससे उसकी इमोशनल हेल्थ में सुधार होता है। दूसरी तरफ मेडिटेशन करने के कई सारे तरीके हैं, जो खुद के विचार और पर्सनालिटी के प्रति जागरूक बनाते हैं।
फोकस
मेडिटेशन करने से आपके फोकस करने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है। आप पहले से ज्यादा वक्त तक एक काम या विचार पर केंद्रित रह सकते हैं।
एडिक्शन और नींद के मामले में
मेडिटेशन करने से आपका सेल्फ कंट्रोल बढ़ता है। यह क्षमता किसी भी लत की तरफ खींचने वाले कारणों को जानने और उन पर व्यवस्थित तरीके से काबू पाने में मदद करती है।
ब्लड प्रेशर और दर्द के मामले में
हेल्थलाइन के मुताबिक कुछ रिसर्च का मानना है कि नियमित रूप से ध्यान लगाने पर आपको दर्द और क्रोनिक पेन से पीड़ित लोगों में डिप्रेशन के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर पर भी पॉजिटिव असर दिखाता है और दिल की सेहत सुधारने में मदद करता है।