रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्राओं से बातचीत करते मंत्री व अन्य -
झारखंड

JPSC-JSSC आंदोलन पर आज फिर सरकार से बातचीत

झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद : 24वें दिन भी आंदोलन जारी

रांची : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार सोमवार को राज्य सरकार के साथ फिर से बातचीत करेंगे। इस आंदोलन का आज 24वां दिन है और छह प्रदर्शनकारी अब भी भूख हड़ताल पर हैं।

प्रदर्शनकारियों ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के पुतले जलाए और झामुमो-कांग्रेस गठबंधन पर उनकी मांगों के संबंध में ‘ठोस कार्रवाई नहीं करने’ का आरोप लगाया। बाद में शाम को हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारियों को सोमवार अपराह्न दो बजे फिर से बातचीत के लिए बुलाया।

भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों में से एक सविता कुमारी ने कहा, ‘‘हमारे प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ अपराह्न दो बजे बैठक होनी है। हम झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में पूरी तरह से सुधार चाहते हैं, साथ ही कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग भी करते हैं।

उन्होंने कहा, मैंने कई भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लिया है। मैं 19 अप्रैल को हुई 14वीं जेपीएससी परीक्षा में भी शामिल हुई थी। लेकिन यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भ्रष्टाचार के कारण योग्य उम्मीदवारों की नौकरियां बेच दी गईं।

झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने संकेत दिया कि बातचीत से कोई समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा, 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। हम कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखेंगे। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) जांच की निगरानी अदालत करेगी। सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के वास्ते सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भूख हड़ताल पर बैठे और सदर अस्पताल में इलाज करा रहे एक अन्य प्रदर्शनकारी राहुल क्रांति ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि सोमवार की बातचीत से गतिरोध खत्म हो जाएगा। अगर सरकार सीबीआई जांच और 2019 के बाद से आयोजित विभिन्न राज्य-स्तरीय भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की हमारी मांगों को नहीं मानती है, तो आंदोलन खत्म नहीं होगा।

भूख हड़ताल पर बैठी एक अन्य प्रदर्शनकारी उम्मे हबीबा ने भी यही बात दोहराई और कहा कि नए सिरे से बातचीत का प्रस्ताव ‘‘हमारी चिंताओं के प्रति उनकी (सरकार की) संवेदनशीलता को दिखाता है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के एक मुख्य सदस्य ने बताया कि बैठक में 11 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा, जिसमें एक कानूनी सलाहकार भी होगा। यह प्रस्तावित बैठक सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का सातवां दौर होगी। पिछले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी। यह फैसला जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शनकारियों और अनुमंडल अधिकारी तथा अतिरिक्त जिलाधिकारी (कानून-व्यवस्था) के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया।

‘JPSC-JSAC रिफॉर्म्स मंच’ के नेता रवींद्र पासवान ने कहा, हम बातचीत के लिए जरूर जाएंगे क्योंकि हम बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाना चाहते हैं। हम अपनी दो मांगों पर अडिग हैं - भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द किया जाए।

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