इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए पिछले 72 घंटों में 21 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। सेना की मीडिया विंग की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर उत्तरी वजीरिस्तान जिले में की गई।
सैन्य अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकवादियों में चार प्रमुख कमांडर भी शामिल हैं, जो सुरक्षा बलों पर हमलों और आम नागरिकों की हत्याओं समेत कई गंभीर वारदातों में वांछित थे। पाकिस्तान सरकार इन आतंकियों को "फितना-अल-ख्वारिज" के नाम से संबोधित करती है, जिसे प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़ा माना जाता है।
सेना के मुताबिक, बीते एक सप्ताह के दौरान विभिन्न अभियानों में कुल 48 आतंकवादियों को ढेर किया गया है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री भी बरामद की है।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अब भी तलाशी और सैनिटाइजेशन ऑपरेशन जारी है, ताकि छिपे हुए आतंकियों का सफाया किया जा सके। सेना और खुफिया एजेंसियां लगातार संयुक्त अभियान चला रही हैं।
गौरतलब है कि मई के अंतिम सप्ताह में भी दत्ता खेल क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने 11 आतंकवादियों को मार गिराया था। वहीं जून के पहले सप्ताह में मीरानशाह में एक आत्मघाती हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया था, जिसके बाद इलाके में धारा 144 लागू करनी पड़ी थी।
Pakistan Institute for Conflict and Security Studies (पीआईसीएसएस) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर चिंताजनक होती जा रही है। मार्च और अप्रैल के दौरान हिंसा में कुछ कमी देखी गई थी, लेकिन मई 2026 में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी घटनाओं में अचानक वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ व्यापक और आक्रामक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और देश की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।