आंध्र प्रदेश में शुरू होगी 5 मिनट की ड्रोन डिलीवरी सेवा 
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आंध्र प्रदेश में शुरू होगी 5 मिनट की ड्रोन डिलीवरी सेवा

गुंटूर से शुरू होने वाली इस महत्वाकांक्षी ड्रोन डिलीवरी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरे आंध्र प्रदेश में विस्तार देने की योजना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं और त्वरित पार्सल आपूर्ति के लिए नई हवाई आपूर्ति श्रृंखला तैयार की जा सके

अमरावती: बेंगलुरु स्थित एयरोस्पेस स्टार्टअप Airbound आंध्र प्रदेश में स्वायत्त (ऑटोनॉमस) ड्रोन नेटवर्क के जरिए दवाइयों, लैब सैंपल और छोटे पार्सलों की डिलीवरी महज 5 मिनट में करने की तैयारी कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत गुंटूर से होगी, जिसके बाद इसे पूरे राज्य में बड़े स्तर पर विस्तार दिया जाएगा।

इस परियोजना के लिए आंध्र प्रदेश ड्रोन कॉर्पोरेशन (APDC) और Airbound के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत अमरावती राजधानी क्षेत्र में एक व्यापक हवाई लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

अमरावती, विजयवाड़ा और गुंटूर होंगे नेटवर्क से जुड़े

परियोजना के तहत अमरावती, विजयवाड़ा और गुंटूर को ड्रोन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य शहरी, अर्ध-शहरी और दूरदराज के इलाकों में दवाइयों, मेडिकल सैंपल, ई-कॉमर्स उत्पादों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की तेज और सुगम डिलीवरी सुनिश्चित करना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक वर्ष में इस नेटवर्क के माध्यम से प्रतिदिन 10,000 ड्रोन उड़ानों का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में हुआ समझौता

समझौते पर APDC की प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष गीतांजलि शर्मा और Airbound के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नमन पुष्प ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे।

हल्के और अत्याधुनिक ड्रोन का होगा इस्तेमाल

Airbound इस परियोजना में अपने ब्लेंडेड-विंग-बॉडी टेलसिटर विमान तकनीक का उपयोग करेगा। कंपनी के अनुसार, कार्बन फाइबर से बने ये ड्रोन लगभग 1.5 किलोग्राम वजन के हैं और पारंपरिक ड्रोन की तुलना में अधिक दक्षता के साथ सामान ढो सकते हैं।

कंपनी का दावा है कि ये ड्रोन करीब 25 मील (लगभग 40 किलोमीटर) तक की दूरी 40 मील प्रति घंटा (करीब 64 किमी/घंटा) की रफ्तार से तय कर सकते हैं।

700 से अधिक मेडिकल डिलीवरी पूरी

Airbound के अनुसार, कंपनी अब तक क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं के बीच 700 से अधिक मेडिकल डिलीवरी उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी कर चुकी है। कंपनी का दावा है कि उसकी तकनीक पारंपरिक लॉजिस्टिक्स की तुलना में डिलीवरी लागत को 20 गुना तक कम कर सकती है।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना न केवल ड्रोन आधारित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देगी, बल्कि आंध्र प्रदेश में ड्रोन उद्योग में निवेश आकर्षित करने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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