‘हिंदी अड्डा’ में कला और संवेदनाओं का संगम : ‘लेडीज़ फर्स्ट’ ने जीता दर्शकों का दिल

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कोलकाता : कोलकाता सेंटर फॉर क्रिएटिविटी (KCC) के कैफ़े में बीते दिनों 'हिंदी अड्डा' के नवीनतम संस्करण ‘लेडीज़ फर्स्ट’ का भव्य आयोजन किया गया। जानीमानी कवयित्री रेखा ड्रोलिया द्वारा परिकल्पित और प्रस्तुत इस विशेष कार्यक्रम ने कविता और संगीत के माध्यम से दर्शकों को एक भावपूर्ण संसार की यात्रा कराई।

साझा अनुभूतियों की शाम

कार्यक्रम की मुख्य संचालिका रेखा ड्रोलिया ने अपनी संवेदनशील कविताओं और सजीव अभिव्यक्ति के माध्यम से दर्शकों को कार्यक्रम की शुरुआत से ही बाँधे रखा। उनके शब्दों को सुरों का साथ मिला गायक आतिफ अली खान की आवाज़ से, जिनकी सुरीली प्रस्तुतियों ने शाम में एक नई रूह फूँक दी। संगीत और शब्दों के इस समन्वय ने पूरे वातावरण को गरमाहट और गहराई प्रदान की।

सजीव प्रतिक्रिया और जुड़ाव

लगभग 60 कला-प्रेमियों की उपस्थिति वाले इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका 'साझा अनुभव' बन जाना रही। प्रस्तुति के दौरान दर्शक न केवल संगीत की ताल पर झूमते दिखे, बल्कि कई क्षणों में भावुकता और शांति का सन्नाटा भी महसूस किया गया। विशेष रूप से महिला दर्शकों ने कार्यक्रम के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मंच पर साझा की गई कहानियाँ उनके अपने निजी अनुभवों और जीवन के संघर्षों का प्रतिबिंब थीं।

सफलता के मायने

कार्यक्रम का समापन अत्यंत भावुक रहा, जहाँ दर्शकों ने कलाकारों के पास जाकर उन्हें गले लगाकर अपना आभार प्रकट किया। लोगों की यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि ‘लेडीज़ फर्स्ट’ केवल एक प्रदर्शन मात्र नहीं था, बल्कि दर्शकों के भीतर स्वयं को 'समझे जाने' का एक सुखद अहसास था।

अंततः, ‘लेडीज़ फर्स्ट’ ने अपनी सफलता की एक अमिट छाप छोड़ी है। यह शाम कला की उस शक्ति का प्रमाण रही जो लोगों को केवल मनोरंजन ही नहीं देती, बल्कि उनके दिलों के बीच एक स्थायी और गहरा सेतु भी बनाती है।

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हिन्दी अड्डा कार्यक्रम में उपस्थित दर्शक
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