

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में बुधवार को करीब 10% की तेजी देखी गई। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते हुए 41.44 रुपये तक पहुंच गया। मार्च 2026 में अपने निचले स्तर पर पहुंचने के बाद कंपनी के शेयर में तेज रिकवरी देखने को मिली है। पिछले छह महीनों में शेयर करीब 86% चढ़ चुका है।
तेजी के साथ कंपनी का बाजार मूल्य भी 19,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। बुधवार की बढ़त के पीछे शेयर में मजबूत कारोबार और ज्यादा खरीद-बिक्री को एक वजह माना गया। कारोबार के शुरुआती 20 मिनट में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर करीब 90 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जबकि दो सप्ताह का औसत कारोबार करीब 47.77 लाख शेयर था।
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में इस साल काफी उतार-चढ़ाव रहा है। सितंबर 2025 में शेयर 59.20 रुपये के 52 सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद इसमें तेज गिरावट आई और मार्च 2026 में भाव 22.25 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद कंपनी के शेयर में दोबारा तेजी आई है।
हालांकि, शेयर में तेजी के बावजूद कंपनी के कारोबार से जुड़ी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 336 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 428 करोड़ रुपये के घाटे से कम है। वहीं, परिचालन से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 45% घटा था।
ब्रोकरेज कंपनियों की राय भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही है। सिटी ने शेयर पर बिक्री की राय बरकरार रखते हुए 26 रुपये का लक्ष्य दिया था। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी बिक्री की राय कायम रखी और 20 रुपये का लक्ष्य बताया। गोल्डमैन सैक्स ने शेयर पर तटस्थ राय रखते हुए 40 रुपये का लक्ष्य दिया था। ब्रोकरेज की चिंताओं में बिक्री की मात्रा, सकल मार्जिन और कंपनी के नकदी खर्च जैसे मुद्दे शामिल हैं।
कंपनी के लिए उत्पादन और बिक्री का विस्तार आगे अहम रहेगा। ओला इलेक्ट्रिक की ओर से बैटरी निर्माण क्षमता बढ़ाने, नए उत्पादों और उत्पादन से जुड़ी योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। कंपनी के तिमाही आंकड़ों में घाटा कम होने के बावजूद राजस्व में गिरावट यह दिखाती है कि शेयर में आई तेजी और कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को अलग-अलग देखना जरूरी है।
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में मौजूदा तेजी ने मार्च के निचले स्तर से कंपनी के शेयर मूल्य में बड़ा बदलाव दिखाया है। हालांकि, आगे शेयर का प्रदर्शन कंपनी की बिक्री मात्रा, मार्जिन, नकदी की स्थिति और इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में उसकी हिस्सेदारी जैसे कारकों से प्रभावित हो सकता है।