त्रिपुरा में दुर्गापूजा पर 10 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी संभालेंगे मोर्चा

त्रिपुरा में दुर्गापूजा पर 10 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी संभालेंगे मोर्चा

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अगरतला :

त्रिपुरा में दुर्गापूजा के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। राज्य में इस वर्ष कुल 3,047 दुर्गापूजा आयोजनों की योजना है। इन आयोजनों के मद्देनजर 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के जवानों को तैनात किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य पूजा पंडालों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस विभाग की ओर से 16 अक्टूबर को शाम चार बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दुर्गापूजा आयोजनों की संख्या पिछले वर्ष के 2,997 से बढ़कर इस वर्ष 3,047 हो गई है। पूजा आयोजनों में वृद्धि को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आम लोगों की सहायता के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

181 पुलिस सहायता बूथ स्थापित

श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 181 पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं। इन बूथों के माध्यम से लोगों को सुरक्षा संबंधी मदद मिलेगी और विभिन्न स्थानों पर पुलिस तथा अन्य संबंधित इकाइयों के बीच समन्वय मजबूत किया जाएगा।राज्य में इस वर्ष होने वाले पूजा आयोजनों में ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी अधिक है। कुल 3,047 आयोजनों में से 2,076 ग्रामीण इलाकों में, जबकि 971 शहरी क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे। इससे स्पष्ट है कि दुर्गापूजा का उत्साह केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर आयोजन किए जा रहे हैं।

पश्चिम जिले में सर्वाधिक पूजा आयोजन

जिलावार आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम त्रिपुरा जिला 775 पूजा आयोजनों के साथ पहले स्थान पर है। इनमें 543 शहरी और 232 ग्रामीण आयोजन शामिल हैं। पिछले वर्ष जिले में 772 पूजा आयोजित की गई थीं।सिपाहीजाला जिले में 436, खोवाई में 408 और गोमती में 363 पूजा आयोजन निर्धारित हैं। दक्षिण जिले में 305, उत्तरी जिले में 271, धलाई में 268 और उनाकोटी में 221 आयोजन होंगे। इन आंकड़ों से राज्य के विभिन्न जिलों में त्योहार की व्यापकता का पता चलता है।पुलिस सहायता बूथों के वितरण में भी पश्चिम त्रिपुरा जिला सबसे आगे है, जहां 40 बूथ स्थापित किए गए हैं। धलाई में 30 और सिपाहीजाला में 27 सहायता बूथ बनाए गए हैं। इनके जरिए श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता देने और सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान

राज्य में हजारों पूजा आयोजनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर है। सहायता बूथों की स्थापना से पूजा पंडालों और आसपास के इलाकों में पुलिस की उपलब्धता बढ़ेगी।प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य दुर्गापूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। पुलिस की व्यापक तैनाती तथा सहायता केंद्रों के माध्यम से राज्यभर में शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार संपन्न कराने की योजना बनाई गई है।
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