मिर्गी, ह्रदय रोग आदि के 10 दवा बैच गुणवत्ता जांच में फेल

मिर्गी, ह्रदय रोग आदि के 10 दवा बैच गुणवत्ता जांच में फेल

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आरएमएल अस्पताल में 10 दवा बैच वापस, जांच में आठ गुणवत्ता परीक्षण में फेल

नई दिल्ली :

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आने के बाद अलग-अलग दवाओं के 10 बैच वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें मिर्गी, हृदय रोग, अवसाद, असामान्य हृदय गति और प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्राव के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। अस्पताल ने 7 से 14 सितंबर के बीच जारी चार नोटिस के जरिए संबंधित विभागों और वार्डों को प्रभावित दवाओं का इस्तेमाल तत्काल रोककर उन्हें निर्धारित ड्रग यूनिट में लौटाने को कहा।इनमें से आठ बैच विश्लेषणात्मक गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाए गए और उन्हें ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (एनएसक्यू) घोषित किया गया। 14 सितंबर के नोटिस के अनुसार, टैबलेट में सोडियम वैल्प्रोएट गैस्ट्रो-रेसिस्टेंट 200 मिलीग्राम, स्पाइरोनोलैक्टोन 50 मिलीग्राम और इमिप्रामिन 25 मिलीग्राम के बैच शामिल हैं। इसी दिन इंजेक्शन यूनिट ने एडेनोसिन, मिथाइल एर्गोमेट्रिन, मल्टीविटामिन इंजेक्शन, फेनिरामाइन मैलेट और एस्कॉर्बिक एसिड के पांच बैच वापस लेने का निर्देश दिया।इसके अलावा दो बैच में भौतिक खामी मिली। 9 सितंबर के नोटिस में आइसोसॉर्बाइड मोनो नाइट्रेट 20 मिलीग्राम की टैबलेट के बैच ABT6711 को स्ट्रिप के भीतर पाउडर के रूप में पाए जाने की जानकारी दी गई। इससे दो दिन पहले मेटोप्रोलोल 50 मिलीग्राम के बैच ABT6608 में भी टैबलेट पाउडर में बदलने की शिकायत सामने आई थी। दोनों बैचों का निर्माण ग्लोसन इंडिया लैब्स ने किया था।अस्पताल के अनुसार, प्रभावित दवाओं के इस्तेमाल से अब तक किसी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं मिली है। उपचार प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक दवाओं की व्यवस्था की गई है। अस्पताल ने मरीजों से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना देने को भी कहा है।नोटिस के अनुसार, कुछ दवाओं की आपूर्ति जैक्सन लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड ने की थी। गुणवत्ता परीक्षण में विफल दवाओं को 18 सितंबर तक और भौतिक खामी वाले बैचों को संबंधित नोटिस जारी होने के तीन दिनों के भीतर वापस करने के निर्देश दिए गए थे।
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