

नई दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को आम आदमी पार्टी की सदस्य स्वाति मालीवाल ने आवारा पशुओं की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि देश के प्रत्येक जिले में पशु चिकित्सालय, शरण स्थल और सारे उपकरणों से सुसज्जित एम्बुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए मालीवाल ने कहा कि समाज में संचालित गैर कानूनी दूध डेरियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में देश भर के 70 प्रतिशत कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण किया जाना चाहिए।
लाखों रूपये कुत्ते के टीकाकरण पर खर्च पर रैबीज के मामले बढ़ते जा रहे हैं
उन्होंने कहा कि अकेले दिल्ली में दस साल में लाखों रूपये कुत्ते के टीकाकरण पर खर्च किए गये, किंतु कुत्ते के काटने और रैबीज के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें रैबीज के पीड़ितों और उनके परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है किंतु पशुओं के साथ अत्याचार नहीं होना चाहिए।
पशुओं के साथ यौन कर्म करने वाले लोग दरिंदा
मालीवाल ने पशुओं के साथ यौन कर्म करने वाले लोगों को दरिंदा बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों की मानसिकता समाज की बहु-बेटियों के साथ क्या करवा सकती है, इस पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून में बदलाव कर ऐसे लोगों को कड़े दंड का प्रावधन करना चाहिए।
आवारा पशुओं पर सुप्रीम कोर्ट भी दिखा चुका है शख्ती
गौरतलब है कि आवारा पशुओं की वजह से कई बार जान-माल का नुकसान हो जाता है। आवारा कुत्तों के काटने पर रैबीज से हुए मौत के बढ़ते मामलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहले ही शख्ती दिखा चुका है लेकिन वावजूद इसके सरकार के द्वारा कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए गए हैं। ऐसे में स्वाति मालीवाल द्वारा राज्यसभा में एक बार फिर आवारा पशुओं के मुद्दे को उठाना सरकार के चेतावनी की तरह है।