

भक्तों की आस्था से खिलवाड़ की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं । अब तिरुपति बालाजी में भक्तों के चढ़ावे से दशकों तक चोरी करने वाला मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सितंबर 2026 की बात करें तो आंध्र प्रदेश की एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने टीटीडी के डिप्टी ईओ मेंडु लोकनाधम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा हुआ है। करीब साल भर पहले इसी देवस्थान से जुड़े क्लर्क की काली कमाई का खुलासा हुआ था। अब इस मामले ने कलियुग में भगवान के घर हुई दान की चोरी के मामले ने लोगों को हैरान कर दिया है।
करोड़ों का सोना-चांदी और इतना नकद ?
जांच एजेंसी को उनके ठिकानों से लगभग 5 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। कई महीनों पहले तिरुपति के इस मंदिर के प्रसाद के लड्डू में मिलावट का मामला काफी चर्चा में था, अब इस नए कांड से भक्तों की नाराजगी बढ़ गई है। बता दें कि प्रसाद के लड्डू में मिलावट की जांच और चार्जशीट दाखिल करने के बाद सीबीआई से मिली जानकारी के आधार पर एजेंसी ने यह बड़ी कार्रवाई की है। इसमें 2 किलो सोना, 6.5 किलो चांदी, 12.5 लाख रुपये नकद और कई अचल संपत्तियों (मकान और भूखंड) के दस्तावेज शामिल हैं।
कौन है मेंडु लोकनाथम ?
मेंडु लोकनाथम, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के डिप्टी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं। एसीबी अधिकारियों ने एक साथ उनके और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर रेड डाली। एसीबी के डीएसपी श्रीनिवास राव की अगुवाई में कई टीमों ने रेड की तो मेंडु के घर से हुई बरामदगी को देखकर उनके होश उड़ गए। इससे पहले वो टीटीडी में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं।
चोरी का यह सिलसिला काफी लंबा है
बीते दस सालों में यह दूसरा बड़ा मामला है जब मंदिर के किसी अधिकारी के घर रेड डाली गई। इससे पहले 2016 में एजेंसी ने टीटीडी के तत्कालीन डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर टी. भूपति रेड्डी के घर पर तलाशी ली थी। उनके खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के आरोपों के बाद कार्रवाई हुई थी।
इसी मंदिर का एक कर्मचारी सीवी रवि कुमार, अप्रैल 2023 में सीसीटीवी कैमरे में संदिग्ध व्यवहार करने के दौरान एजेंसियों के हत्थे चढ़ा था। पूछताछ में उसने बताया था कि वह मंदिर में 20 साल से अधिक समय से चोरी कर रहा था। उस चोरी के पैसे से उसने चेन्नई, तिरुपति के साथ हैदराबाद में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां खरीदी थीं । सीवी रवि कुमार 1990 के दशक की शुरुआत में आया था। वह तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में तैनात था।