

अंजलि भाटिया
नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में ई-सिगरेट के कथित इस्तेमाल को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद की कार्यवाही नियम, मर्यादा और अनुशासन के तहत चलती है और सभी सांसदों को इसका पालन करना अनिवार्य है।
सोमवार को संसद भवन एनेक्सी में राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में बिरला ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां सहमति और असहमति स्वाभाविक है, लेकिन विरोध भी सदन की मर्यादा और नियमों के दायरे में ही होना चाहिए। संसद में आचरण और गरिमा बनाए रखना प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है।
शिकायत की जांच जारी, नियम टूटे तो जा सकती है सदस्यता
ई-सिगरेट के कथित इस्तेमाल से जुड़ी शिकायत पर लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या दोषी पाए जाने पर सदस्यता जा सकती है, बिरला ने कहा कि पहले भी ऐसे मामलों में सदस्यता गई है और यदि इस बार भी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो सदस्यता जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गैरमर्यादित आचरण पर कार्रवाई सदन करता है, लोकसभा अध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से कार्रवाई नहीं करते।
TMC के सदस्य पर लगा है आरोप
गौरतलब है कि भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का एक सदस्य सदन की कार्यवाही के दौरान ई-सिगरेट का उपयोग कर रहा था। इसी शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई है।
1 फरवरी को ही पेश होगा बजट
बजट सत्र के दौरान 1 फरवरी को रविवार होने से जुड़े सवाल पर श्री बिरला ने कहा कि दिन कोई भी हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। 2026-27 का आम बजट 1 फरवरी को ही संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद काम करने पर विश्वास करती है और जरूरत पड़ने पर सांसद देर रात तक भी बैठते हैं।
गतिरोध संवाद से सुलझना चाहिए
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया के कई देशों की संसदों में गतिरोध नहीं होता, जबकि भारत में कभी-कभी ऐसा होता है। हालांकि संवाद के जरिए गतिरोध का समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी संसद तय समय पर बंद नहीं होती, बल्कि जब तक काम चलता है, सदन की कार्यवाही जारी रहती है।
समय पर बिलों की प्रतियां भेजने की कोशिश
विपक्षी सांसदों को बिल पढ़ने का पर्याप्त समय न मिलने के सवाल पर श्री बिरला ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी है। इसी कारण सभी मंत्रालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर बिलों की प्रतियां भेजें, ताकि सदस्यों को पहले से उपलब्ध कराई जा सकें और सदन में उन पर व्यापक चर्चा हो सके।
कागजमुक्त हो रहा है संसद का कार्य
उन्होंने बताया कि संसद के कामकाज को तेजी से कागजमुक्त बनाया जा रहा है और सभी दस्तावेज अब वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। राज्यों की विधानसभाओं को भी इस प्रणाली को अपनाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही संसद में 22 भारतीय भाषाओं के माध्यम से सांसदों को अपनी भाषा में बात रखने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि लोकतांत्रिक संवाद और अधिक प्रभावी हो सके।