कश्मीर में सक्रिय हैं अब 131 आतंकवादी

दिल्ली बम विस्फोट के बाद 600 लोगों के आतंकी संबंधों की जांच और हिरासत में लेने के बाद फिर से देशभर में चर्चा शुरू
कश्मीर में सक्रिय हैं अब 131 आतंकवादी
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जम्मू : विगत 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के दो टुकड़े कर उसकी विशेष राज्य की पहचान खत्म किए जाने की कवायद के बाद कश्मीर में आतंकवाद के पूरी तरह से खत्म होने के दावों के बीच दिल्ली में हुए बम विस्फोट की घटना ने एक बार फिर इस चर्चा को जन्म दिया है कि कश्मीर में कितने आतंकी सक्रिय हैं? दरअसल, जहां सेंट्रल एजेंसियां दिल्ली लाल किला बम ब्लास्ट केस की गहराई से जांच कर रही हैं और देशभर में टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश कर रही हैं, वहीं जम्मू कश्मीर विदेशी और स्थानीय आतंकवादियों की समस्या का सामना कर रहा है। यह सच है कि मौजूदा टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी फोर्स के लिए एक चुनौती है।

131 आतंकियों का अनुमान

अगर अधिकारियों पर विश्वास करें तो अभी जम्मू कश्मीर में लगभग 131 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से 122 पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि 9 स्थानीय युवक हैं। वहीं, सुरक्षाबल इस साल अब तक इस इलाके में सक्रिय 45 टेररिस्ट को खत्म करने में सफल रहे हैं।

ऊपर दिया गया डेटा, जिसमें सिर्फ 9 स्थानीय युवक हैं, आतंकियों की रिक्रूटमेंट प्रक्रिया में बदलाव दिखाता है। यह सच है कि टेररिस्ट आर्गेनाइजेशन स्थानीय युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने में नाकाम हो रहे हैं और इसलिए पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स की ओर मुड़ गए हैं। इंटेलिजेंस सूत्रों ने बताया कि वे उन्हें ‘रेडिकलाइज’ करने और कुछ को ‘सुसाइड बॉम्बर’ के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। जिन्हें ‘व्हाइट-कॉलर टेररिस्ट’ कहा जाता है, ये रिक्रूट लॉजिस्टिक्स, रिक्रूटमेंट, या टेरर-फंडिंग को आसान बनाने में चुपचाप बहुत ‘लो प्रोफाइल’ काम करते हैं।

यह पैटर्न दिल्ली लाल किला बम ब्लास्ट मामले में साफ तौर पर दिखा है। बताया जाता है कि डॉक्टर्स जैसे प्रोफेशनल लोग 10 नवंबर को हुए उस खतरनाक हमले का हिस्सा थे, जिसमें 13 लोग मारे गए और कई घायल हुए। इसलिए, सुरक्षाबलों के लिए व्हाइट-कॉलर सिस्टम को खत्म करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, जो पिछले कुछ सालों में केंद्र द्वारा की गयी काउंटर-टेरर कोशिशों से साफ है।

इंटेलिजेंस इनपुट्स के मुताबिक, 2024 में 61 टेररिस्ट मारे गए, जिनमें 45 अंदरूनी इलाकों में और 16 लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पास थे। खास बात यह है कि उनमें से 21 पाकिस्तानी नागरिक थे। जानकारी के लिए 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले में हुए ब्लास्ट के बाद जम्मू कश्मीर में टेरर ऑपरेटर्स के खिलाफ कार्रवाई में और तेजी आई है। जांच में पता चला है कि ‘व्हाइट-कॉलर’ टेरर माड्यूल में दर्जनों ट्रेंड टेररिस्ट शामिल थे।

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