भगोड़े के खिलाफ अदालत की सख्त टिपण्णी, 'कई अपराध हैं... आप वापस आएं, आपका भव्य स्वागत किया जाएगा'

याचिकाकर्ता के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी है, 3 साल से है फरार, जाने कौन ?
Supreme Court of India
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नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि देश को कानून से बचने वाले अपराधियों को वापस लाने का अधिकार है। न्यायालय ने एक व्यक्ति की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें उसने संयुक्त अरब अमीरात से उसके प्रत्यर्पण के लिए किए गए अनुरोध को वापस लेने की प्रार्थना की थी।

विजय मुरलीधर उधवानी के खिलाफ 153 मामले दर्ज

अधिकारियों के अनुसार, याचिकाकर्ता विजय मुरलीधर उधवानी के खिलाफ 153 मामले दर्ज हैं, जिसने जुलाई 2022 में दुबई की यात्रा की थी और उस पर अवैध शराब की तस्करी और अन्य अपराधों की संगठित अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

उधवानी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ उधवानी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। उधवानी ने गुजरात उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती दी थी।

उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उसके खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस को रद्द करने और प्रत्यर्पण के लिए संयुक्त अरब अमीरात को किए गए प्रत्यर्पण अनुरोध को वापस लेने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित वकील से कहा, 'कई अपराध हैं... आप वापस आएं। आपका भव्य स्वागत किया जाएगा।'

वकील का तर्क 38 निषेध अपराध दर्ज

वकील ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ 38 निषेध अपराध दर्ज हैं, लेकिन उसे उनमें से एक का भी विवरण नहीं पता है।जब उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता जुलाई 2022 में दुबई गया था, तो पीठ ने कहा कि तब से वह वापस नहीं आया है। पीठ ने कहा, 'देश को कानून से बचने वाले अपराधियों को वापस लाने का अधिकार है।'

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