शबरिमला सोना मामला : कांग्रेस समूहों ने केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया

मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
Sabrimala
विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकती पुलिस।RAHULGROVER
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कोट्टायम : कांग्रेस से जुड़े संगठनों ने सबरिमला स्वर्ण हेराफेरी मामले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ सोमवार को निशाना साधते हुये जिले में दो स्थानों पर काले गुब्बारे छोड़ कर और काले झंडे लहराकर विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए जिले में पहुंचे थे, जहां केरल छात्र संघ (KSU), युवा कांग्रेस एवं महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में काले गुब्बारे छोड़े। इसके बाद कोट्टायम पुलिस परेड ग्राउंड और कुदमालूर के पास भी प्रदर्शन किए गए, जहां कांग्रेस की युवा और महिला शाखा के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराए। प्रदर्शनकारियों ने शबरिमला सोना चोरी मामले के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

शबरिमला में महिलाओं का प्रवेश : NSS और SNDP का विरोध बरकरार

कोट्टायम : केरल के दो प्रमुख हिंदू जाति संगठनों-NSS और SNDP योगम ने सोमवार को दोहराया कि रजस्वला आयु की महिलाओं को शबरिमला मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। संगठनों का बयान तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुनर्विचार याचिकाओं पर विचार किया। नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) के महासचिव जी सुकुमारन नायर ने कहा कि संगठन ने शबरिमला में रजस्वला आयु की महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने वाले अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। NSS राज्य में अग्रणी नायर समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है। नायर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार अपना रुख बदलेगी और शबरिमला में प्रचलित पारंपरिक प्रथा का पालन करेगी, जिसके तहत पर्वतीय मंदिर में कुछ आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद, राज्य सरकार पिछले 5-6 वर्षों से परंपराओं का पालन कर रही है। इस स्थिति में, हम उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड अनुकूल रुख अपनाएंगे। हालांकि, राज्य सरकार ने इस मामले में कोई विशिष्ट आश्वासन नहीं दिया है, लेकिन नायर ने कहा कि उन्हें अनुकूल रुख की उम्मीद है और इस संबंध में एक आपसी सहमति है।

शबरिमला में महिलाओं का प्रवेश मुद्दा : सरकार चर्चा के माध्यम से उचित रुख अपनाएगी : मंत्री

तिरुवनंतपुरम : केरल में सत्तारूढ़ वामपंथी दल ने सोमवार को कहा कि शबरिमला में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा कई संवैधानिक जटिलताओं से जुड़ा है, इसलिए सरकार चर्चा के माध्यम से उचित रुख अपनाएगी। सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए राज्य के कानून मंत्री पी. राजीव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि वह सात संवैधानिक प्रश्नों का समाधान करने के बाद ही पुनर्विचार याचिकाओं पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि इसलिए, राज्य सरकार के पास अपना रुख स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त समय है। मंत्री ने यह भी कहा कि यह इस मामले में ‘‘हां या ना’’ कहने का समय नहीं है। राजीव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी मतावलंबियों की आस्था की रक्षा करना है और वह हर आस्था के अनुयायियों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे जल्दी हल किया जा सके। इसमें कई संवैधानिक जटिलताएं हैं, जिनका समाधान समय और समझदारी से ही संभव है। उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक पहलुओं पर गौर करने के बाद हम उच्चतम न्यायालय के समक्ष सटीक पक्ष रखेंगे। हमारे पास पर्याप्त समय है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पहलुओं पर विस्तार से गौर करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि नौ न्यायाधीशों की एक पीठ केरल के शबरिमला मंदिर सहित धर्मों और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के खिलाफ भेदभाव से संबंधित कुछ याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई शुरू करेगी।

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