सोनिया गांधी की किताब प्रकाशित नहीं करने पर पेंगुइन की फिर सफाई

कहा- बाहरी दबाव नहीं, संपादकीय मुद्दे पर नहीं बनी सहमति
New Delhi
किताब प्रकाशित नहीं करने पर पेंगुइन की सफाई
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नई दिल्ली: पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को भारत में प्रकाशित नहीं करने के फैसले को लेकर एक बार फिर सफाई दी है। प्रकाशक ने स्पष्ट किया है कि किताब के प्रकाशन से पीछे हटने के पीछे किसी तरह का सरकारी या बाहरी दबाव नहीं था।

कंपनी के मुताबिक, पांडुलिपि पर संपादकीय चर्चा के दौरान एक खास मुद्दे पर लेखक के प्रतिनिधियों और प्रकाशक के बीच सहमति नहीं बन सकी। PRHI की प्रवक्ता पल्लवी नारायण ने कहा कि किताब की सामग्री फिलहाल गोपनीय है और सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि पांडुलिपि सामान्य संपादकीय प्रक्रिया से गुजरी थी।

इस दौरान कई बिंदुओं पर सोनिया गांधी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई। कुछ मामलों में बदलाव को लेकर सहमति बनी, जबकि कुछ पर लेखक के पक्ष को स्वीकार किया गया। हालांकि, अंत में एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हो पाया।

कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल

प्रकाशक की सफाई के बावजूद इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और मोदी सरकार के दौरान चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कथित कब्जे से जुड़े अंशों को हटाने का दबाव था।

उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि यदि किताब दुनिया के अन्य हिस्सों में मूल रूप में प्रकाशित हो सकती है तो भारत में उसमें बदलाव की जरूरत क्यों पड़े।


कमलनाथ और गौरव गोगोई ने भी जताई चिंता

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता की किताब में क्या लिखा जाए और क्या नहीं, इसका फैसला कोई प्रकाशक करे। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने सवाल किया कि यदि पेंगुइन आरएसएस से संबंधित किताबें प्रकाशित कर सकता है,

तो सोनिया गांधी की किताब को लेकर ऐसी आपत्ति की वजह क्या है। इस विवाद के बीच पेंगुइन ने एक बार फिर दोहराया है कि प्रकाशन रोकने का फैसला किसी बाहरी हस्तक्षेप के कारण नहीं, बल्कि संपादकीय स्तर पर एक मुद्दे पर सहमति नहीं बनने के कारण लिया गया।

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