साइबर अपराध पर संसदीय समिति सख्त

शिकायत से FIR तक बनेगा तेज सिस्टम
New Delhi
शिकायत से FIR तक बनेगा तेज सिस्टम
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नई दिल्ली : देश में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों के बीच संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति ने साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश की है।

समिति ने कहा है कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिलने वाली शिकायतों को स्वतः ई-FIR में बदलने की दिशा में एक समान और प्रभावी तंत्र बनाया जाना चाहिए। समिति की अध्यक्षता डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल कर रहे हैं।

शिकायतों को सीधे FIR में बदलने पर जोर

समिति ने गृह मंत्रालय के जवाब पर विचार करते हुए कहा कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ई-FIR व्यवस्था लागू की जा चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर इसे विस्तार दिया जा रहा है।

समिति के अनुसार पूरे देश में एक समान व्यवस्था होने से साइबर अपराध की जांच जल्द शुरू हो सकेगी और ठगी की रकम की समय पर बरामदगी तथा पीड़ितों को राशि लौटाने में मदद मिलेगी। इसके लिए गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र को समयबद्ध रोडमैप तैयार करने की सिफारिश की गई है।

साइबर अपराध के लिए अलग कानून की सिफारिश

समिति ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए व्यापक और एकीकृत कानून बनाने की जरूरत भी दोहराई है। रिपोर्ट में स्पष्ट परिभाषाओं, तकनीक-निरपेक्ष प्रावधानों और नए प्रकार के साइबर अपराधों के लिए प्रभावी दंड की व्यवस्था की बात कही गई है।इसके साथ ही जटिल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर अपराधों की जांच के लिए Integrated Cybercrime Task Force गठित करने का सुझाव दिया गया है।

स्कूलों में अनिवार्य साइबर सुरक्षा शिक्षा

समिति ने साइबर अपराध से बचाव को शुरुआती स्तर से ही शिक्षा का हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया। NCERT, CBSE और राज्य शिक्षा विभागों के समन्वय से स्कूलों में चरणबद्ध और उम्र के अनुरूप अनिवार्य साइबर-सुरक्षा पाठ्यक्रम लागू करने की सिफारिश की गई है।

सरकार के अनुसार NCRP के माध्यम से साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में 1930 हेल्पलाइन भी संचालित है।

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