दिग्विजय सिंह का राजनीती से मोह भंग?

सिंह से इस बार राज्यसभा में अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
दिग्विजय सिंह का राजनीती से मोह भंग?
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भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह राज्यसभा के अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद तीसरी बार उच्च सदन का सदस्य बनने के इच्छुक नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कांग्रेस की राज्य इकाई के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही।

सिंह से इस बार राज्यसभा में अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। अहिरवार ने कहा कि मध्यप्रदेश की आबादी में अनुसूचित जाति वर्ग की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक संतुलन और संवैधानिक भावना मजबूत होगी तथा दलित समुदाय के आत्मसम्मान व राजनीतिक भागीदारी को बल मिलेगा।

सिंह (78) ने अनुसूचित जाति-जनजाति संगठनों के एक सम्मेलन से इतर इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं।” मध्यप्रदेश से राज्यसभा में दो सीटें हैं, जिनमें से एक पर दिग्विजय सिंह और दूसरी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सुमेर सिंह सोलंकी का कब्जा है। ये सीट इस साल अप्रैल में रिक्त होंगी।

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