सोमनाथ पर्व में यादों के भंवर में बह गए PM

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय सोमनाथ! सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की आज से शुरुआत हो रही है।
सोमनाथ पर्व में यादों के भंवर में बह गए PM
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि बृहस्पतिवार से शुरू होने वाला ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय सोमनाथ! सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की आज से शुरुआत हो रही है।

11 जनवरी को सोमनाथ जायेंगे PM

एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा।’’ प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अगर वे भी सोमनाथ गए हैं, तो अपनी तस्वीरें ‘हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के साथ जरूर साझा करें। उन्होंने कहा, ‘‘मैं 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित एक कार्यक्रम की कुछ झलकियां भी साझा कर रहा हूं। यह वह साल था, जब हमने 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाया था। 1951 में यह ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की मौजूदगी में संपन्न हुआ था।’’

सरदार पटेल और के एम मुंशी को किया याद

मोदी ने कहा, ‘‘सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल और केएम मुंशी के साथ ही कई महान विभूतियों के प्रयास अत्यंत उल्लेखनीय रहे हैं। वर्ष 2001 के इस कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) और गृह मंत्री आडवाणी जी (लालकृष्ण आडवाणी) और कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 2026 में हम 1951 में हुए भव्य समारोह के 75 वर्ष पूर्ण होने का भी स्मरण कर रहे हैं!’’

सोमनाथ पर्व में यादों के भंवर में बह गए PM
जहां बिना सिर वाली मूर्तियों की पूजा होती है

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